बिरहाना रोड की जिस दुकान से 'फ्रॉस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड एनर्जी लिमिटेड' रजिस्टर्ड थी, वह दिखने में बेहद साधारण थी। CBI और बैंक दस्तावेजों के मुताबिक, बोथरा के समूह ने 'फ्रॉस्ट' नाम से तीन कंपनियां- Frost Infrastructure & Energy Ltd, Frost International Ltd, और Frost Global Ltd चलाईं। कागजों पर ये अलग थीं, लेकिन इनका संचालन और फंड बोथरा ही नियंत्रित करते थे। हैरत की बात यह है कि इस साधारण पते से रजिस्टर्ड कंपनी को सरकारी बैंकों के एक समूह ने लगभग ₹3,000 करोड़ के लोन मंजूर किए।