12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नोएडा में बनेगा देश का पहला हेरिटेज इंस्टीट्यूट, खासियत ऐसी कि विदेशी यूनिवर्सिटी भी हो जाएंगी फेल

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने की आधिकारिक घोषणा। पढ़ाई के साथ शोध और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर काम होगा।

2 min read
Google source verification
heritage_institute_of_india.jpeg

नोएडा। दुनिया के बेहतरीन शहरों में शुमार नोएडा (noida) के नाम अब एक तमगा लगने जा रहा है। दरअसल, गौतमबुद्ध नगर औद्योगिक हब होने के साथ-साथ अब शैक्षणिक केंद्र बन रहा है। यही कारण है कि केंद्र सरकार ने भारत का पहला इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज (indian institute of heritage) नोएडा में बनाने का फैसला किया है। इसकी आधिकारिक घोषणा केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने कर दी है। इस संस्थान की खासियत यह होगी कि इसमें पढ़ाई के साथ-साथ शोध और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर काम किया जाएगा।

बता दें कि साल 20-21 के बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ हेरिटेज बनाने की घोषणा की थी। जानकारी के अनुसार इसे डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलेगा। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और उसकी विरासत से रूबरू होने का भी पूरा मौका मिलेगा। इतना ही नहीं, इच्छुक छात्र यहां भारत की प्राचीन ऐतिहासिक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शोध, पढ़ाई और दूसरे बिंदुओं पर भी काम करेंगे। इसमें स्नातक से लेकर पीएचडी तक के कोर्स कराए जाएंगे।

यह भी पढ़ें: मुफ्त राशन के साथ बैग भी देगी योगी सरकार, सूचना विभाग करेगा बैग की आपूर्ति

केंद्रीय मंत्री जी किश्न रेड्डी का कहा है कि यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखने में बहुत ही मददगार साबित होगी। इसके बनने से संस्कृति के बारे में उच्च शिक्षा को बल मिलेगा। इसके अलावा इसमें होने वाले शोध के जरिए दुनिया भर के लोगों को इससे जोड़ा जा सकेगा। यहां छात्रों को हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स, संरक्षण, म्यूजियम विज्ञान, पुरातत्व शास्त्र, अभिलेख-मुद्रा शास्त्र, पांडुलिपि विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों का विशेष अध्ययन कराया जाएगा। छात्रों के अलावा संस्कृति मंत्रालय के अधीनस्थ इन विषयों के विभागों में कार्यरत सभी कर्मचारियों को भी इस संस्थान से जोड़ा जाएगा।जिससे कि वह यहां प्रशिक्षण ले सकें। वह यहां अध्ययनरत छात्रों के साथ मिलकर शोध में भी मदद कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें: गन्ने फेंककर सीखा था भाला फेंकना, आज है 60 मीटर से ऊपर की थ्रो फेंकने वाली देश की पहली महिला एथलीट

इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी की होगी स्थापना

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने इसकी स्थापना के लिए पूरा खाका तैयार कर लिया है। जल्द ही इसके लिए जमीन भी फाइनल कर ली जाएगी। इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों से भी बात चल रही है। वहीं बताया जा रहा है कि इस संस्थान में इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी की भी स्थापना की जाएगी। इसके अलावा स्कूल ऑफ आर्किव्स स्टडीज, नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट ऑफ हिस्ट्री ऑफ आर्ट कंजर्वेशन एंड मूसलॉजी, नेशनल रिसर्च लैबोरेट्री फॉर कंजर्वेशन ऑफ कल्चरल प्रॉपर्टी और इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स इसके विभाग होंगे।