
नोएडा। अक्सर नोएडा समेत देशभर में लोग अपने फायदे के लिए तरह-तरह के इंश्योरेंस कवर लेते हैं। जिनके लिए उन्हें पैसा भी देना पड़ता है। लेकिन अगर आपको पता चले कि 5 तरह के ऐसे भी इंश्योरेंस होते हैं जो आपको बिना किसी भुगतान के मिलते हैं तो। जी हां, आपने सही पढ़ा। दरअसल, आपको फ्री में 5 तरह के इंश्योरेंस कवर दिए जाते हैं और बहुत ही कम लोगों को इसकी जानकारी होती है। तो आज हम आपको इन पांच इश्योरेंस कवर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
एलपीजी सिलेंडर पर मिलता है 40 से 50 लाख तक का बीमा
अक्सर सुनने में आता है कि एलपीजी गैस सिलेंडर फटने से दुर्घटना हो गई। जिसमें जान-माल का नुकसान भी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एलपीजी सिलेंडर से होने वाली दुर्घटना से होने वाले संपत्ति और शरीर को होने वाले नुकसान के एवज में इंश्योरेंस क्लेम किया जा सकता है। दरअसल, गैस एजेंसियां बहुत ही कम इसकी जानकारी लोगों को देती है। जिसके चलते अक्सर लोग क्लेम नहीं करते। जबकि एचपीसीएल की वेबसाइट के अनुसार रजिस्टर्ड एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ता दुर्घटना होने पर इंश्योर्ड होते हैं। साथ ही उसका पूरा परिवार भी इसमें कवर होता है। इसके लिए उपभोक्ता क्लेम कर सकते हैं और गैस सिलेंडर पर मिलने वाला इंश्योरेंस कवर 40 से 50 लाख तक होता है।
बैंक डिपॉजिट पर भी मिलता है कवर
क्या आपको पता है कि आपके बैंक में जमा रकम भी इंश्योर्ड होती है। नहीं न, तो बता दें कि बैंक में जमा रकम इंश्योर्ड होती है जिसकी कवर साइज एक लाख रुपये तक होती है। हालांकि यह कभी कभी न के बराबर भी होती है। लेकिन एक कहावत है कि कुछ नहीं होने से बेहत है कुछ होना। इससे आपको उस समय राहत मिल सकती है जब आपका बैंक डिफॉल्ट करता है। बैंक की सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड अकाउंट, करंट अकाउंट और रैकरिंग अकाउंट के डिपॉजिट मनी इसके दायरे में आती है। दरअसल, ये इंश्योरेंस कवर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) द्वारा दिया जाता है। जो कि भारतीय रिजर्व बैंक की ही एक सहायक कंपनी है।
एयर ट्रैवल पर इंश्योरेंस कवर
कई बार लोगों के साथ होता है कि वह प्लेन में कहीं ट्रैवल कर रहे हैं और पता चलता है कि उनका बैग ही गायब हो गया या सामान में कुछ टूट फूट हो गई। तो बता दें कि इस स्थिति में आप इंश्योरेंस कवर का लाभ उठा सकते हैं। दरअसल, एयर ट्रैवल पर आपको इंश्योरेंस कवर मिलता है वह भी बिलकुल मुफ्त। हालांकि इसका साइज इंश्योरर के आधार पर अगल-अलग भी हो सकता है। बता दें कि अधिकांश कंपनियां अपने यात्रियों को लीगल लायबिलिटी (कानूनी देयता) कवर प्रदान करती हैं। इसके अंतर्गत यात्रियों को सामान की हानि के लिए मुआवजा प्रदान किया जाता है। एयर इंडिया की वेबसाइट के अनुसार, "सामान में किसी तरह की क्षति या हानि होने पर, निर्धारित करार के अनुसार दावों का निपटारा किया जाएगा। वारसॉ कन्वेंशन के मुताबिक, मुआवजे की गणना 20 डॉलर प्रति किलो की दर से की जाती है। वहीं मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के अंतर्गत सामान/हानि/सामान पहुंचने में देरी होने पर अधिकतम मुआवजा प्रति यात्री 1,000 एसडीआर निर्धारित है।
मोबाइल फोन पर भी इंश्योरेंस
आपको जानकर ताज्जुब होगा कि आपके मोबाइल पर भी इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाता है। वहीं कवर आपके फोन के मॉडल पर निर्भर करता है। बीमा कंपनियां खुदरा विक्रेताओं के द्वारा स्मार्टफोन के लिए ग्रुप कवर प्रदान करती हैं। हालांकि प्रस्तावित कवर में आकस्मिक क्षति और चोरी को शामिल नहीं किया जाता। इसके अलावा टाटा एआईजी द्वारा सिम बीमा प्रदान किया जाता है। जिसमें सिम के खो जाने या चोरी होने पर या उसका दुरुपयोग होने पर कवर दिया जाता है।
कंपनी डिपॉजिट पर भी मिलता है फ्री कवर
बता दें कि कंपनी डिपॉजिट पर भी आपको फ्री इंश्योरेंस कवर मिलता है। इस इंश्योरेंस का दायरा 20 हजार रुपये तक होता है। दरअसल, कंपनी एक्ट 2013 के मुताबिक जो 1 अप्रैल 2014 से ही प्रभावी हुआ है। कंपनियों को कॉर्पोरेट डिपॉजिट जमा के लिए 20 हजार रुपये तक का बीमा कवर खरीदना होता है। ऐसा नहीं होने पर उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हालांकि कई बार कंपनियों को इसमें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बीमा कंपनिया इस तरह का कवर उपलब्ध नहीं कराती।
Published on:
08 Jun 2018 03:00 pm
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