scriptlockdown leads to sedentary lifestyle | एग्जाम और इंटरव्यू का बदल गया तरीका, मिसयूज से करियर को खतरा | Patrika News

एग्जाम और इंटरव्यू का बदल गया तरीका, मिसयूज से करियर को खतरा

कोरोना काल में एग्जाम और इंटरव्यू के तरीके बिलकुल बदल गए है। सोशल मीटिंग साइट्स जैसे गूगल मीट-जूम के जरिए लोग वर्चुअल माध्यम से इंटरव्यू और मीटिंग करने लगे हैं।

नोएडा

Published: October 23, 2021 05:49:08 pm

नोएडा. कोरोना संक्रमण के बाद लगे लॉकडाउन से लोगों के रहन-सहन से लेकर सभी तौर-तरीकों में काफी बदलाव आया है। बच्चों की पढ़ाई और एग्जान ऑनलाइन होने के साथ ही बड़ों का ऑफिस भी वर्क फ्रॉम होम हो गया। इतना ही नहीं कोरोना काल में लोगों के इंटरव्यू से लेकर कंपनियों में ज्वाइनिंग तक ऑनलाइन हो गया। हालांकि इन बदलावों से कुछ लोगों को तो आराम मिला है, लेकिन बहुत से लोगों के साथ मिसयूज से करियर को खतरा भी हुआ है।
work_from_home.jpg
यह भी पढ़ें

वन मैप ने तलाशे 400 करोड़ रुपये के लापता प्लाट, अब 1500 करोड़ निवेश के बाद मिलेगा 4 हजार लोगों को रोजगार

एग्जाम और इंटरव्यू का बदल गया तरीका

कोरोना काल में एग्जाम और इंटरव्यू के तरीके बिलकुल बदल गए है। सोशल मीटिंग साइट्स जैसे गूगल मीट-जूम के जरिए लोग वर्चुअल माध्यम से इंटरव्यू और मीटिंग करने लगे हैं। गैजेट्स फैंडली लोगों के लिए तो ये तरीका अच्छा रहा, लेकिन वहीं तमाम ऐसे लोग जो इनका इस्तेमाल सही तरीके से नहीं कर पाते हैं उनके साथ कई तरह की दिक्कतें भी हुईं।
मिसयूज से करियर को खतरा

लाखों ऐसे लोग हैं जो गैजेट्स फैंडली या यूं कहें कि सोशल मीटिंग साइट्स फैंडली नहीं है। ऐसे लोगों को इस दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही हजारों-लाखों लोगों के साथ साइबर फ्रॉड भी हुआ। जिससे उनके करियर पर भी खतरा पड़ा है। आपको याद होगा इसी दौरान देश में पेगासस जासूसी का भी मामला सामने आया था।
बच्चों की पढ़ाई में बदलाव

कोरोना वायरस संक्रमण का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ा है। पहले मां-बाप अपने बच्चों को गैजेट्स से दूर रखने की कोशिश करते थे। ताकि बच्चों का पूरा ध्यान पढ़ाई में लगे, लेकिन लॉकडाउन के बाद पैरेंट्स चाह कर भी बच्चों को इन चीजों से दूर नहीं रख पाएंगे।
रहन-सहन में भी आया बदलाव

इस दौरान लोगों के रहन-सहन में काफी बदलाव आया है। लोगों के सोने से लेकर उठने तक के टाइमिंग में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। बच्चे घरों से बाहर निकल खेलने के बजाय इनदिनों गैजेट्स में दिनभर व्यस्त रहते हैं। लगातार स्क्रीन को देखने की वजह से बच्चें बीमार पड़ने लगे हैं तो वहीं बड़ों की बात करें तो उनमें मानसिक परेशानियां उभरने लगी हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

कम उम्र में ही दौलत शोहरत हासिल कर लेते हैं इन 4 राशियों के लोग, होते हैं मेहनतीबाघिन के हमले से वाइल्ड बोर ढेर, देखते रहे गए पर्यटक, देखें टाइगर के शिकार का लाइव वीडियोइन 4 राशि की लड़कियों का हर जगह रहता है दबदबा, हर किसी पर पड़ती हैं भारीआनंद महिंद्रा ने पूरा किया वादा, जुगाड़ जीप बनाने वाले शख्स को बदले में दी नई Mahindra BoleroFace Moles Astrology: चेहरे की इन जगहों पर तिल होना धनवान होने की मानी जाती है निशानीइन नाम वाली लड़कियां चमका सकती हैं ससुराल वालों की किस्मत, होती हैं भाग्यशालीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशदेश में धूम मचाने आ रही हैं Maruti की ये शानदार CNG कारें, हैचबैक से लेकर SUV जैसी गाड़ियां शामिल

बड़ी खबरें

Republic Day 2022 LIVE updates: राजपथ पर दिखी संस्कृति और नारी शक्ति की झलक, 7 राफेल, 17 जगुआर और मिग-29 ने दिखाया जलवारेलवे का बड़ा फैसला: NTPC और लेवल-1 परीक्षा पर रोक, रिजल्‍ट पर पुर्नविचार के लिए कमेटी गठितRepublic Day 2022: गणतंत्र दिवस पर दिल्ली की किलेबंदी, जमीन से आसमान तक करीब 50 हजार सुरक्षाबल मुस्तैदRepublic Day 2022: पीएम मोदी किस राज्य का टोपी और गमछा पहनकर पहुंचे गणतंत्र दिवस समारोह में, जानें क्या है खास वजहरायबरेली में जहरीली शराब पीने से 6 की मौत, कई गंभीर, जांच के आदेशRPN Singh के पार्टी छोड़ने पर बोले CM गहलोत, आने वालों का स्वागत तो जाने वालों का भी स्वागतNH का पुल उड़ाने लगाया टाइम बम, CM योगी को भी धमकायारेलवे ट्रेक पर प्रदर्शन किया तो कभी नहीं मिलेगी नौकरी, पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.