
राहुल चौहान
नोएडा। कभी बिहार सरकार में सहायक अभियंता (जेई) के पद पर तैैनात रहा आम्रपाली ग्रुप (Amrapali Group) का चेयरमैन अनिल शर्मा (Anil Sharma Amrapali) यूपी का सबसे नामी बिल्डर (Amrapali Builder) बन गया। इस दौरान उसने नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत यूपी के लाखों घर खरीदारों (Housing Projects) को मकान का सपना दिखाकर मोटी रकम वसूली। इस पैसे को वह दूसरों प्रोजेक्टों में लगाकर देखते-देखते अरबपति बन बैठा। लेकिन, ये शौहरत कुछ ही दिनोंं की थी और बायर्स से छल करना उसे महंगा पड़ गया। जिसके चलते अब अनिल शर्मा की 15 लग्जरी गाड़ियां और 16 रेसिडेंशियल व कमर्शियल प्रोपर्टी नीलाम (Auction) होने जा रही हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली मामले में याचिकाकर्ता बिक्रम चैटरजी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड ऑर्गनाइजेशन के केस पर सुनवाई करते हुए आम्रपाली ग्रुप की संपत्ति नीलाम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 7 जनवरी 2020को आम्रपाली ग्रुप की 15 लग्जरी गाड़ियां और 8 जनवरी को 16 रेसिडेंशियल व कमर्शियल प्रोपर्टी की नीलामी रखी गई है। इसके लिए सरकारी वेबसाइट पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। साथ ही पांच जनवरी 2020 तक आपत्ति दर्ज कराने के लिए एक पब्लिक नोटिस भी जारी किया गया है।
इन गाड़ियों की होगी नीलामी
4 ऑडी
3 पोर्श एजी/काएन एस
6 बीएमडब्लू और 2 फॉर्च्यूनर
इन संपत्तियों की होगी नीलामी
7 रेजिडेंशियल प्रोपर्टी
8 कमर्शियल प्रोपर्टी
1 इंडस्ट्रियल प्रोपर्टी
बायर्स बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मिली राहत
कोर्ट के नीलामी के आदेश होने पर बायर्स को वर्षों से अटके घर मिलने की उम्मीद जगी है। आम्रपाली बायर्स एसोसिएशन के मेंबर के.के कौशल ने बताया कि ऐसे आदेशों से खरीदारों को उम्मीद है कि अब कोई ठोस हल निकलेगा। लेकिन, संशय भी है कि पिछले साल की भांति क्या ऐसे सम्पतियों के खरीदार अगर नहीं मिलेंगे तो मामला लटक जाएगा। हालांकि कोर्ट को ठोंस फैसले सुनाने की जरूरत है और हम उम्मीद करते हैं कि आने वाला नया साल आम्रपाली के बायर्स के लिए घर मिलने की खुशखबरी लेकर आए।
दिल्ली से शुरू किया था रियल एस्टेट का कारोबार
अनिल शर्मा ने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग में बतौर सहायक अभियंता अपने कैरियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह 2002 में दिल्ली आ गए। यहां पर उन्होंने रियल एस्टेट के कारोबार में पैर पसारने शुरू किए और आम्रपाली के नाम से अपने प्रोजेक्ट शुरू किए। देखते-देखते नौकरशाहों और राजनेताओं की सरपरस्ती में साल 2015 तक आम्रपाली ग्रुप का सितारा बुलंदियों पर पहुंच गया था। इस दौरान उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए।
इन प्रोजेक्टों से बन गया नामी बिल्डर
गौरतलब है कि अनिल शर्मा के प्रमुख प्रोजेक्टों में नोएडा का आम्रपाली सैफायर और आम्रपाली प्लेटिनम, गाजियाबाद के आम्रपाली अंपायर, ग्रेटर नोएडा में कई कॉमर्शियल हब, ग्रेटर नोएडा का आईटी हब कम पांच सितारा होटल, जयपुर में बन रही टाउनशिप, बिहार के मुजफ्फरपुर का आम्रपाली मल्टीप्लेक्स मॉल आदि प्रमुख थे। वह बिल्डर्स के प्रतिष्ठित संगठन क्रेडाई एनसीआर का भी प्रेसिडेंट रह चुका है। उसने विज्ञापनों की बदौलत बड़ा नाम कमाने के बाद अनेक नए प्रोजेक्ट शुरू किए और बड़े पैमाने पर लोगों को घर का सपना दिखाकर उनसे पैसा लिया। इस पैसे को फ्लैटों के निर्माण के प्रोजेक्ट में ना लगाकर उसने अन्य स्थानों पर लगाना शुरू कर दिया।
फिल्म इंडस्ट्री में भी आजमाया था हाथ
आम्रपाली ग्रुप ने एफएमसीजी, हॉस्पिटेलिटी और इंटरटेनमेंट की दुनिया में भी हाथ आजमाए हैं। आम्रपाली मीडिया विजन ने ‘गांधी टू हिटलर’ और ‘आई डोंट लव यू’ नाम की दो फिल्में बनाईं थीं। बताया जाता है कि आम्रपाली ग्रुप ने बिल्डर प्रोजेक्टों के लिए लोगों से पैसे लेकर ही फिल्म बनाने में लगाए। वहीं उन्होंने अपने प्रोजेक्टों में घर बेचने के लिए कई नामचीन हस्तियों का सहारा लिया। जिसमें भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल हैं।
बिहार से लड़ चुका लोकसभा चुनाव
आम्रपाली ग्रुप का चेयरमैन अनिल शर्मा 2014 लोकसभा चुनाव में बिहार की जहानाबाद सीट से जद-यू के टिकट से चुनाव भी लड़ चुका है। हालांकि तब उसे हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भाजपा से राज्यसभा का भी चुनाव लड़ा, उशमें भई हार ही नसीब हुई। वहीं तब चुनाव आयोग को दिए गए ब्यौरा में उन्होंने अपनी संपत्ति 847.88 करोड़ बताई थी।
Updated on:
29 Dec 2019 04:45 pm
Published on:
29 Dec 2019 03:49 pm
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