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मूर्तियों के बीच उगे पीपल के पौधे

बजट घोषणा के बाद भी विकास के इंतजार में सूर्य मंदिर, झालावाड़ पत्रिका फेसबुक पेज लाइक करना न भूले

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राज्य सरकार के सूर्य मंदिर के विकास को लेकर बजट स्वीकृत करने के बावजूद अभी तक इसके जीर्णोद्धार का काम शुरू नहीं हो पाया है। प्राचीन मूर्तिकला व स्थापत्य कला के लिए विदेशों तक में पहचान रखने वाले ऐतिहासिक सूर्य मंदिर की सार संभाल नहीं करने से दिन प्रतिदिन इसकी हालत खराब होती जा रही है।

मूर्तिकला पर छा रही काई से मंदिर की आभा व सौंदर्य प्रभावित होता जा रहा है।

पर्यटन विभाग के सूर्य मंदिर पर फोल्डर जारी करने व भारतीय डाकतार विभाग के डाक लिफाफे के आवरण पर सूर्य मंदिर का फोटो प्रकाशित करने से इस मंदिर की ख्याति बढ़ी है।

जिससे इस मंदिर को देखने के लिए देश के कोने कोने से तथा विदेशी सैलानी आने लगे हैं। मुख्यमंत्री के पिछले कार्यकाल में राज्य सरकार ने सूर्य मंदिर की प्राचीन कलाकृतियों का रसायनिक उपचार कराया था।

इन मूर्तियों और शिखर की कलाकृति पर काई छाने से काली पड़ कर इनका निखार प्रभावित हो रहा है। शिखर पर तीनों ओर मूर्तियों के बीच में जगह-जगह पीपल के पौधे उग आए हैं। इनकी जड़े फैलने से शिखर में दरारें आने व मूर्तिकला को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।

दौड़ा रहे कागजी घोड़े

राज्य सरकार ने सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए बार बार अधिकारियों को कार्य योजना बनाने के लिए भेजा है।

इसके बाद इसके विकास के लिए बजट की घोषणा की गई है, लेकिन इसके लिए तैयार की जाने वाली योजना को अब तक अमली जामा नहीं पहनाने से मंदिर का संरक्षण खतरे में पडऩे लगा है।

इन्होंने किया अवलोकनन

७ जुलाई २०१५ को राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने सूर्य मंदिर का अवलोकन कर सर्वेक्षण दल से मंदिर का सर्वे कराकर कार्य योजना से राज्य सरकार को अवगत कराने की जानकारी दी थी। इससे पूर्व 30 जनवरी 2015 को पुरातत्व विभाग कोटा के अधीक्षक उमराव सिंह ने सूर्य मंदिर के हालात की जानकारी ली थी।

अधीक्षक ने मूर्तियां सोफ्ट पत्थर की होने से मौसम की आद्रता व हवाओं के कारण मूर्तियों पर कालापन छाने से इसका फिर से रसायन उपचार कराकर उस पर पीबेक करवाने की जानकारी दी थी।

नही हटे अतिक्रमण

जिला व नगरपालिका प्रशासन की चेतावनी के बावजूद सूर्य मंदिर के आस पास अतिक्रमण के हालात जैसे के तैसे हैं।

प्रशासन के सूर्य मंदिर के तीनों और गेट लगाने की तीन बार हुई कार्रवाई का विरोध करने के बाद ऑटो रिक्शा संचालकों ने सूर्य मंदिर के आस-पास ऑटो रिक्शा खड़े नहीं करने का भरोसा दिलाया था।

इसके बावजूद ऑटो, सब्जी के ठेले व मोहल्लेवासियों के वाहन आज भी यहां खड़े हो रहे हैं। इससे मंदिर की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी आ रही है।

ऐतिहासिक व प्राचीन धरोहर सूर्य मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए रााज्य सरकार के प्रयास जारी है । शीघ्र ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।

भारत सिंह, कार्यवाहक तहसीलदार झालरापाटन