
Video: सेल्फ डिफेंस सिखाने वाली बेटी का कट गया पैर, तड़पता छोड़कर भागे ड्राइवर व कंडक्टर, पुलिस का रवैया हैरान करने वाला
नोएडा। बच्चों को कराटे की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मरक्षा के साथ ही बेहतर भविष्य के लिए तैयार करने वाली 12वीं की छात्रा लोरी कुमारी अब खुद दूसरों की मोहताज हो गई है। 22 मई को डीटीसी बस के चालक ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी थी। उसके जीवन की रक्षा के लिए डाॅक्टरों को उसका एक पैर काटना पड़ा। आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है, लेकिन कार्रवाई नहीं कर रही है। अब किशोरी के परिजन न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। वह सरकार से मदद की भी आस लगाए बैठे हैं। सोमवार को उन्होंने जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन कर बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई।
बच्चों को कराटे की ट्रेनिंग देकर लौट रही थी
पहले अस्पताल और अब घर पर बिस्तर पर पड़ी लोरी कुमारी बहुत असहाय नजर आ रही है। लोरी कुमार 22 मई को सेक्टर-62 स्थित मेपल वीयर प्ले स्कूल से बच्चों को कराटे की ट्रेनिंग देकर स्कूटी से घर लौट रही थी। थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के 12-22 तिराहे के पास डीटीसी बस ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। स्कूटी से गिरने के बाद लोरी बस की चपेट में आ गई। उसके पैर के ऊपर से बस का पहिया गुजर गया। किसी ने न तो पुलिस को जानकारी दी और न उसे अस्पताल पहुंचाया। बस के ड्राइवर और कंडक्टर भी उसे तड़पता छोड़कर वहां से भाग गए।
7-8 लाख रुपये का बताया गया खर्च
काफी देर बाद एक अज्ञात महिला ने उसे सेक्टर-11 के निजी अस्पताल में दाखिल कराया। पीड़ित किशोरी के पिता ब्रह्मा शंकर ने बताया कि अस्पताल में उन्हें इलाज का खर्च 7-8 लाख रुपये बताया गया था। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वह बेटी को एम्स ट्राॅमा सेंटर ले गए। वहां पर डाॅक्टरों ने उसका एक पैर घुटने से काट दिया। डाॅक्टरों के मुताबिक, लोरी का जीवन बचाने के लिए यह जरूरी था।
डीएम के कैंप कार्यालय पर किया प्रदर्शन
घटना के इतने दिन बीते जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे गुस्साए परिजनों ने सोमवार को सेक्टर-27 स्थित डीएम के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बेटी को न्याय दिलाने की मांग की। पीड़िता का भाई अमन गौड़ का कहना है कि हादसे के बाद डीटीसी का कंडक्टर और ड्राइवर लोरी को छोड़कर चले गए थे। वह काफी देर तक वहां तड़पती रही। किसी ने उसकी मदद नहीं की। इतने दिन हो गए हैं एफआईआर किए हुए, लेकिन अब तक पुलिस पूछने तक नहीं आई है। उसका कहना है कि हमारी पुलिस साथ में हैं या खिलाफ है। बहन लोगों को आत्मरक्षा करना सिखाती है और आज वह खुद लाचार है। ऐसे में कैसे कोई लड़की आगे बढ़ेगी।
सरकार से की यह मांग
लोरी की मां नीलम ने कहा कि उनकी बेटी को इंसाफ चाहिए। अब वह किसी लायक नहीं रही। डीटीसी के बस ड्राइवर और कंडक्टर खुलेआम घूम रहे हैं। उसे कोई अस्पताल नहीं ले गया। आज तक कोई पूछने तक नहीं आया। आरोप लगाया कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस कहती है कि इस तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। वे सरकारी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से इलाज के लिए आर्थिक मदद भी मांगी।
ब्लैक बेल्ट है लोरी
शीतो-रियू स्पोर्ट्स कराटे-डू एसोसिएशन के चीफ कोच बालकिशन गुरुंग ने कोतवाली सेक्टर-24 की पुलिस को दिए पत्र में कहा है कि लोरी 12वीं की छात्रा होने के साथ ही बहुत होनहार खिलाड़ी और ब्लैक बेल्ट होल्डर है। वह एसोसिएशन में कराटे सीखने के साथ ही बच्चों को सिखाती भी है। इससे वह अपनी पढ़ाई के अलावा अन्य खर्चे खुद उठाती है। वह नेशनल गेम की तैयारी कर रही थी। उसने राष्ट्रीय और जिला स्तर पर बहुत सारे मेडल जीते हैं।
Updated on:
04 Jun 2019 10:36 am
Published on:
04 Jun 2019 10:12 am
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