नोएडा. शुक्रवार को सर्व पितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन हो गया। इसके साथ ही शनिवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इस बार के नवरात्र अपने आप में खास हैं। मां दुर्गा की पूजा का यह पर्व शारदीय नवरात्र एक अक्टूबर से शुरु हो रहा है। आचार्य प्रमोदानंद महाराज के अनुसार खास बात है कि इस बार नौ की जगह दस नवरात्रे हैं, नवरात्र का बढ़ना शुभ माना जाता है। प्रतिपदा तिथि दो दिन होने के कारण ऐसा हुआ है।
कलश स्थापना का समय
नवरात्र में मां दुर्गा के पूजन की शुरुआत कलश स्थापना के साथ होती है। कलश स्थापना के लिए शनिवार को सुबह 06:20 मिनट से लेकर 07:30 बजे तक का समय शुभ है।
पूजन सामग्री
नवरात्र की शुरुआत जौ से होती है ऐसे में आपके पास यह सामग्री होनी जरूरी है। मिट्टी का पात्र, बोने के लिए जौ और साफ मिट्टी, कलश, शुद्ध जल, गंगाजल, मौली, इत्र, साबुत सुपारी, दूर्वा, कुछ सिक्के, पंचरत्न, अशोक या आम के 5 पत्ते, कलश ढकने के लिए मिट्टी का दीया, ढक्कन में रखने के लिए बिना टूटे चावल, सप्तधान्य (सात प्रकार का अनाज), सप्तमृत्तिका, धूप, दीप, नैवेद्य, फल, अक्षत, दूध, दही, घी, पानी वाला नारियल और नारियल पर लपेटने के लिए लाल कपड़ा, शहद, फूल, अगरबत्ती।
कैसे करें कलश स्थापना
स्नान के बाद पूजा स्थल पर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके आसन लगाकर बैठें। इसके बाद:—
1. इस मंत्र का उच्चारण करते हुए पूजन सामग्री और अपने शरीर पर जल छिड़कें—
ॐ अपवित्र: पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोअपी वा.
य: स्मरेत पुण्डरीकाक्षं स बाहान्तर: शुचि:।
2. हाथ में फूल, जल और अक्षत लेकर पूजा का संकल्प लें।
3. इसके बाद मां शैलपुत्री की प्रतिमा या मूर्ति के समक्ष मिट्टी के ऊपर कलश रखें और हाथ उक्त सामग्री लेकर वरूण देव का आवाहन करें।
4. पूजन सामग्री के साथ विधिवत पूजन करें।
5. आरती करें और सभी के साथ प्रसाद वितरण करें।
शारदीय नवरात्र की तिथियां
पहला नवरात्र: 01 अक्टूबर, 2016। देवी शैलपुत्री रूप का पूजन किया जाता है।
दूसरा नवरात्र: 02 अक्टूबर, 2016। दूसरे दिन भी देवी शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
तीसरा नवरात्र: 03 अक्टूबर 2016। देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।
चौथा नवरात्र: 04 अक्टूबर 2016। देवी दुर्गा के चन्द्रघंटा रूप की आराधना की जाती है।
पांचवा नवरात्र: 05 अक्टूबर 2016। चतुर्थी तिथि को मां भगवती के देवी कूष्मांडा स्वरूप की आराधना की जाती है।
छठा नवरात्र: 06 अक्टूबर 2016। भगवान कार्तिकेय की माता स्कंदमाता की पूजा की जाती है।
सातवां नवरात्र: 07 अक्टूबर 2016। मां कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए।
आठवां नवरात्र: 08 अक्टूबर 2016।मां कालरात्रि की पूजा होती है।
नौंवा नवरात्र: 09 अक्टूबर 2016। मां महागौरी की पूजा की जाती है। अष्टमी मनाने वाले इस दिन कन्या पूजन भी करते हैं।
दसवां नवरात्र: 10 अक्टूबर 2016। देवी सिद्धदात्री स्वरूप का पूजन किया जाता है। व्रत समापन के साथ ही कन्या पूजन किया जाता है।
मनोकामना पूर्ति के लिए यह अर्पित करें
— शत्रु बाधा मुक्ति के लिए नारियाल
— कर्ज मुक्ति के लिए गुड से बनी मिठाई
— स्वास्थ्य लाभ के लिए फल
— विद्या प्राप्ती के लिए पीले मिष्ठान
— मानसिक शांति के लिए चावल की खीर
— सर्वसिद्धि के लिए हलवा पूरी
— धन-धान्य के लिए मखाने की खीर
— व्यापार वृद्धि के लिए मूंग दाल का हलवा