
Locks at Khadi centers in Thar
नोएडा। गांधी जयंती को नोएडा राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस के रूप में मनाया गया। जगह-जगह कार्यक्रमों का आयोजन हुआ और गांधी जी की कोई प्रतिमा न होने के कारण फोटो पर माल्यार्पण किया गया। नोएडा अथॉरिटी जो कि नोएडा की कर्ताधर्ता है, उसने नोएडा को एक हाई टेक शहर तो बना दिया, लेकिन 44 साल एक महात्मा गांधी कि प्रतिमा स्थापित नही कर पाई। इस शहर देश सबसे बड़ा चरखा पिछले साल स्थापित किया गया था, उस चरखा को चलाने वाले प्रतिमा लगाना भूल गए।
नोएडा जैसे हाइटेक में महात्मा गांधी को आज फिर याद किया गया उनके तस्वीर पर माल्यार्पण किया और उनके आदर्शो पर चलने की बात कही गई, और शहर को स्वच्छता बनाने कि शपथ भी ली गई। यह बात आज हुए कार्यक्रम से साबित हुआ कि इस हाईटेक शहर ने महात्मा गांधी को भुलाया नहीं है।लेकिन उनकी यादों को समेटने और आने वाली पीढ़ी को संदेश देने के लिए उनकी प्रतिमा लगाना भूल गए।
इस शहर में राम सुतार जैसे मूर्तिकार हैं इन्होंने अपनी मूर्तियों के माध्यम से गांधी पूरे देश विदेश में पहुंचाया है पद्म भूषण से अलंकृत मूर्तिकार राम सुतार कि बनाई राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा 25 से अधिक देशों के 450 शहरों में स्थापित हैं। लेकिन वह शहर जहां पर वे ये प्रतिमाए राम सुतार गढ़ते है 44 साल में कोई प्रतिमा स्थापित नहीं की जा सकी है। राम सुतार एक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की एक प्रतिमा बनवाई थी जो इस समय नोएडा के सेक्टर 30 स्थित डीपीएस स्कूल पार्क के कोने लगी हुई है। उसके बारे एक दिलचस्प कहानी राम सुतार बाताते है।
नोएडा में महात्मा गांधी के नाम सैक्टर 22 में इंटर कॉलेज है नोएडावासियो का कहना है नोएडा में कई राजनैतिक दलो की सरकार रही, और अपने आदर्श महापुरुषो के नाम पर पार्क और प्रतिमाएँ स्थापित की है लेकिन गांधी के आदर्शों पर चलने की बात कहने वाली ये पार्टिया उनकी एक मूर्ति भी नहीं लगवा सकी है। जिस पर वह माल्यार्पण कर उनको याद कर सकें ऐसे में सिर्फ फोटो ही एक सहारा है। इस पर माल्यार्पण कर गांधी की याद करते हैं।
Published on:
03 Oct 2020 03:54 pm
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