
नोएडा। उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर के रास्तों को देखकर आईएएस रितु माहेश्वरी नाराज हो गईं। इसके बाद उन्होंने सात कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने और एक प्रभारी प्रबंधक व सुपरवाइजर को निलंबित करने का आदेश दिया। ये खामियां नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी को शहर के विभिन्न सेक्टरों के बाहरी और भीतरी मार्गों के औचक निरीक्षण के दौरान मिलीं। इस बीच भारी अव्यवस्था को देखकर सीईओ रितु माहेश्वरी नाराज हो गईं।
रजत विहार सेक्टर-62 के सामने टूटी मिली सड़क
प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने रविवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई जगह खामियां मिलीं। उनको सेक्टर-55 व 57 के बीच की सड़क की सर्विस रोड पर अतिक्रमण, इलेक्ट्राॅनिक सिटी सेक्टर-63 के बाहर अतिक्रमण, रजत विहार सेक्टर-62 के सामने टूटी सड़क, सेक्टर-62 के स्टेलर के सामने भरा पानी और इन क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़ा फैला हुआ दिखा। इसको लेकर वह बेहद नाराज हो गईं।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए वर्क सर्किल-4 के प्रभारी प्रबंधक मुकेश कुमार और सफाई सुपरवाइजर मोमराज को निलंबित कर दिया। इसके अलावा वर्क सर्किल-5 के सहायक प्रबंधक स्वदेश रंजन, वर्क सर्किल-4 के सहायक प्रबंधक अरविंद कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने अवर अभियंता अंकुर और अवर अभियंता हरिओम सिंह की सेवाएं समाप्त कर दीं।
फर्म को जारी किया कारण बताओ नोटिस
उन्होंने वर्क सर्किल-4 व 5 के दो सुपरवाइजर, वर्क सर्किल-4 के एक केयर टेकर और जन स्वास्थ्य विभाग के दो सफाई सुपरवाइजरों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। इसके अलावा सीईओ ने सेक्टर-55-57, सेक्टर-62, एनएच-24 से सेक्टर-71 तक की सड़क पर मैकेनिकल स्वीपिंग का कार्य करने वाली फर्म मेसर्स एमएसडब्ल्यू चेन्नई को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि क्यों न फर्म संविदाकार का अनुबंध निरस्त कर दिया जाए। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के प्रभारी को इस फर्म पर आर्थिक दंड लगाने का आदेश दिया।
Updated on:
19 Aug 2019 09:32 am
Published on:
19 Aug 2019 09:29 am
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
