
साइबर पुलिस इस मामले में अब तक 4 करोड़ से ज्यादा की रकम फ्रीज कर चुकी है। इस पूरी घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
बीते अगस्त महीने में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में 10 जुलाई को थाना साइबर क्राइम नोएडा में मामला दर्ज करवाया गया था। जिसके मुताबिक नैनीताल बैंक के सर्वर को एक्सेस करके बैंक के आरटीजीएस के पूल अकाउंट से 16 करोड़ 95 लाख रुपये की विभिन्न बैंक खातों मे ट्रांसफर करके धोखाधड़ी की गयी थी।
इस मामले की जांच के दौरान इस गैंग में शामिल एक खाताधारक को 8 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी कड़ी में घटना मे शामिल एक अन्य आरोपी कुलदीप कुमार को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया है। कुलदीप कुमार द्वारा इस मामले में मिले 1 करोड़ 97 लाख रुपये में से 1 लाख 52 हजार रुपये घटना में शामिल अन्य लोगों को दिए गए थे और उसने खुद 5 लाख रुपये लिए थे।
पुलिस पूछताछ में उसने बताया है कि उसके द्वारा नैनीताल बैंक से सम्बन्धित धोखाधड़ी की धनराशि को अन्य बैंक खातों में लेकर धनराशि को निकालकर अन्य सहअभियुक्तों तक पहुंचाया गया था। इस घटना को करने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराये गये थे, घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जी रही है। इस मामले में पुलिस अब तक 4 करोड़ 10 लाख रुपये की धनराशि फ्रीज कर चुकी है।
Updated on:
16 Oct 2024 07:52 am
Published on:
16 Oct 2024 07:52 am
