नोएडा

गौतम बुद्ध नगर में कमिश्नरी सिस्टम लागू, डीएम के ये अधिकार होंगे कम

Highlights Noida और Greater Noida में की गई 10 IPS अधिकारियों की तैनाती Gautam Budh Nagar के कमिश्नर के पास होंगे मजिस्ट्रेट के 15 अधिकार Meerut में पीएसी कमांडेंट के रूप में तैनात नितिन तिवारी को बनाया गया DCP

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Jan 14, 2020

नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) की घोषणा के बाद गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू हो गया है। इस प्रणाली के तहत आलोक कुमार सिंह को गौतम बुद्ध नगर का पहला पुलिस कमिश्नर (Police Commissioner) नियुक्त किया गया है। उनके अंडर में नोएडा (Noida) और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के 10 आईपीएस (IPS) अधिकारियों को कमान सौंपी गई है।

ये अधिकार मिलेंगे कमिश्‍नर को

जानकारों का कहना है कि कमिश्नर सिस्टम से आम आदमी को फायदा होगा। नई व्यवस्था के तहत गौतम बुद्ध नगर के कमिश्नर के पास मजिस्ट्रेट के 15 अधिकार होंगे। पुलिस कार्रवाई के लिए लोगों को प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। गौतम बुद्ध नगर के कमिश्नर बनाए गए आलोक सिंह की गिनती प्रदेश के तेजतर्रार अधिकारियों में होती है। 9 नवंबर 2010 को वह डीआईजी बने थे। 17 जनवरी 2014 को आईजी और फिर 12 दिन पहले एक जनवरी को एडीजी बने। अब वह गौतम बुद्ध नगर के कमिश्नर बनाए गए हैं। आलोक सिंह के पास कमिश्नर के तौर पर धारा 144 या कर्फ्यू लगाना, पाबंदी की कार्रवाई, धारा 151, गैंगस्टर, जिला बदर आदि की कार्रवाई के अधिकार होंगे। अभी तक यह अधिकार जिलाधिकारी के पास थे। इसके अलावा पुलिस कमिश्नर स्वयं तय करेंगे कि वह अपने किस अधिकारी को क्या जिम्मेदारी सौपेंगे। बतौर कमिश्नर आलोक सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती गौरव चंदेल हत्याकांड का खुलासा करना है।

इनको मिली तैनाती

कमिश्नर आलोक सिंह के अंडर में दो एडिशनल कमिश्नर, सात डिप्टी कमिश्नर, नौ एडिशनल डिप्टी कमिश्नर, 17 असिस्टेंट कमिश्नर, एक असिस्टेंट रेडियो ऑफिसर और एक चीफ फायर ऑफिसर तैनात किए गए हैं। गौतम बुद्ध नगर में एडिशनल कमिश्नर (क्राइम एंड हेड क्वार्टर) श्रीपर्णा गांगुली को बनाया गया है। वह अभी तक लखनऊ में बतौर पुलिस उप महानिरीक्षक (कारागार, प्रशासन एवं सुधार) के पद पर तैनात थीं। श्रीपर्णा गांगुली जिले में एसपी देहात रह चुकी हैं। अखिलेश कुमार एडिशनल कमिश्‍नर (लॉ एंड ऑर्डर) बनाए गए हैं। वह अभी तक लखनऊ पीएसी मुख्यालय में बतौर पुलिस उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात थे।

इनको बनाया गया डीसीपी

मेरठ में पीएसी कमांडेंट के रूप में तैनात नितिन तिवारी को नोएडा का डीसीपी बनाया गया है। दूसरा डीसीपी हरिश्चंद्र को बनाया गया है, जो अभी तक लखनऊ में विशेष जांच प्रकोष्ठ के पुलिस अधीक्षक थे। वृन्दा शुक्ला को भी डीसीपी बनाकर भेजा गया है। लखनऊ में एसपी सिक्योरिटीज शंकर शर्मा को भी डीसीपी बनाया गया है। डॉ. मीनाक्षी कात्यान, राजेश एस और राजेश कुमार सिंह को भी डीसीपी की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है।

जिले को 3 जोन में बांटा

पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने के लिए सरकार ने जिले को 3 जोन और 10 सर्किल में बांटा है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी एक एडिशनल डिप्टी कमिश्नर के पास होगी। सर्किल का इंचार्ज एसीपी होगा। जिले में 10 आईपीएस व 28 पीपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है। महिलाओं से जुड़े अपराध को रोकने के लिए दो एसीपी तैनात की गई हैं। इनमें से एक नोएडा और दूसरी ग्रेटर नोएडा में पोस्ट होंगी। नई व्यवस्था में लॉ एंड ऑर्डर, अपराध, यातायात, मुख्यालय अभिसूचना और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपायुक्त की नियुक्ति होगी। एसपी रैंक के पीपीएस अधिकारी होंगे। इनको सहायता के लिए एक-एक एसीपी को दिया जाएगा। यह डीसीपी रैंक के अधिकारी होंगे।

Updated on:
14 Jan 2020 12:14 pm
Published on:
14 Jan 2020 12:11 pm
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