
नोएडा। वैसे तो महिलाआें को हर काम में पुरुषों के बराबर माना जाता है, लेकिन एक काम एेसा भी है, जिसमें महिलाआें ने पुरुषों को बहुत पीछे छोड़ दिया है। दरअसल, जेपी अस्पताल में पिछले ढार्इ साल में हुए किडनी ट्रांसप्लांट में सबसे ज्यादा किडनी महिलाआें ने अपने पति व रिश्तेदारों को दी हैं। इससे पता चलता है कि महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा अंगदान में ज्यादा संवेदनशील हैं।
यहां हर दिन एक किडनी का होता है ट्रांसप्लांट
शहर के अस्पतालों के औसत के अनुसार, नोएडा में रोजाना कम से कम एक किडनी ट्रांसप्लांट की जा रही है। आपको बता दें कि पिछले ढाई साल में जेपी अस्पताल में 207 लोगों की किडनी का प्रत्यारोपण किया जा चुका है। इसमें नोएडा या दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर समेत यूपी व अन्य कर्इ देशों के लोग यहां किडनी का ट्रांसप्लांट कराने पहुंचे हैं। जेपी के डाॅक्टरों के अनुसार, उनके अस्पताल में अब तक सभी लोगों के किडनी ट्रांसप्लांट के आॅपरेशन सफल रहे हैं। अलग-अलग ब्लड ग्रुप वाले दो लोगों की किडनी को भी ट्रांसप्लांट किया जा चुका है, जो बहुत ही मुश्किल है, लेकिन हमारी टीम ने इसमें सफलता हासिल की है।
65.5 फीसदी महिलाआें ने दी किडनी
आपको बता दें कि अब तक अस्पताल में 207 लोगों की किडनी ट्रांसफर की गर्इ हैं। इनमें किडनी देेने वालों में करीब 65.5 फीसद महिलाएं रहीं। वहीं पुरुषों की संख्या 35 प्रतिशत रही। इस आंकड़े को देख पता चलता है कि महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा अंगदान में ज्यादा संवेदनशील हैं।
इन देशों के लोग भी करा चुके हैं यहां ऑपरेशन
डाॅक्टरों की मानें तो ढार्इ साल में अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों में 22 फिसदी विदेशी शामिल हैं। इनमें पाकिस्तान, मंगोलिया, कंबोडिया, अफगानिस्तान, नाइजीरिया, ईराक, किर्गिस्तान जैसे देशों के लोग हैं।
इन वजहों से जल्दी खराब हो जाती है किडनी
शुगर, बीपी, गुर्दे में पथरी, टॉयलेट को ज्यादा देर तक रोक कर रखने से भी किडनी खराब हो जाती है। डाॅक्टरों की मानें ताे किडनी में समस्या शुरू होने के अक्सर दस साल बाद लोगों को इसका पता लगता है। यहीं कारण है कि डाॅक्टर समय-समय पर किडनी समेत बाॅडी के सभी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं। नोएडा के जेपी व फोर्टिस अस्पताल में महीने में औसतन 15 किडनी का ट्रांसप्लांट होता है। दोनों अस्पतालों के औसत के अनुसार नोएडा में रोजाना कम से कम एक किडनी ट्रांसप्लांट की जा रही है। इनमें ज्यादातर मरीजाें में किडनी फेल होने की वजह शुगर और बीपी रही। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार यह दोनों बीमारियां किडनी को क्षतिग्रस्त कर रही हैं।
Updated on:
17 Nov 2017 03:15 pm
Published on:
17 Nov 2017 03:14 pm
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