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यहां लाखों लोगों ने जमीन खरीदी पर मालिक एक भी नहीं

रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिलता मालिकाना हक, नोएडा में फ्री होल्ड नहीं है जमीन

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Lokesh Kumar

Mar 20, 2016

noida

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नोएडा।
अगर आप नोएडा में घर खरीदकर बहुत खुश हो रहे हैं तो आपके लिए ये जानना बहुत जरूरी है कि जिस जमीन पर आप घर खरीद रह हैं, वह आपकी नहीं है और न ही कभी हो सकती है। जी हां! नोएडा एक लीजहोल्ड मार्केट है और यहां पर प्रॉपर्टी खरीदने वालों को केवल 90 साल के लिए उसका मालिकाना हक मिलता है। इसके बाद ये जमीन अपने आप नोएडा अथॉरिटी के नाम हो जाएगी। हालांकि बायर और बिल्डर दोनों ही नोएडा को लीजहोल्ड की बजाए फ्री होल्ड घोषित करने की मांग लंबे समय से कर रहे हैं।



फेडरेशन आॅफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बारे में नोएडा अथॉरिटी को कई बार पत्र लिखा है। वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे क्षेत्र में जितनी भी जमीन है चाहे वह रेजिडेंशियल, कॉमर्शियल, इंडस्ट्रीयल या फिर इंस्टीट्यूशनल कैटगरी में हो, वह लीजहोल्ड पर है। इसके चलते आपको उसका मालिकाना हक नहीं मिल सकता है। ये शायद एक ही ऐसी डिमांड है, जिसमें बायर और बिल्डर दोनों एक साथ खड़े हैं। दोनों का कहना है कि जमीन को फ्री होल्ड करने पर दोनों का भला होगा।


लीज रिन्यू कराना मतलब नया घर खरीदना

नेफोमा के अन्नू खान का कहना है कि इन इलाकों में बायर हो या डेवलपर जमीन के असली मालिक नहीं हैं। क्रीडई के वेस्ट यूपी हेड अमित मोदी का कहना है कि मौजूदा पॉलिसी के अनुसार ग्राहक को फ्लैट और प्लाट नोएडा अथॉरिटी द्वारा सबलीज पर लिए जाते हैं। इसे आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि 90 सालों के लिए ये जगह आपको किराए के लिए दी गई है। लीज पीरियड खत्म होने के बाद बायर को यह लीज फिर से रिन्यू करानी होगी, ये कुछ ऐसा ही होगा जैसे कि आप नया घर खरीद रहे हैं।


वे बताते हैं कि अगर जमीन को फ्री होल्ड कर दिया जाए तो उसका लाभ बिल्डर और बायर दोनों को मिलेगा और दोनों उसे अपने हित में इस्तेमाल कर पाएंगे। सबसे बड़ी बात ये कि उन्हें लीज खत्म होने के बाद की परिस्थितियों की चिंता नहीं रहेगी। वे उसे अपनी मर्जी से खरीद या बेच पाएंगे। जानकारों का मानना है कि इससे जमीन या फ्लैट्स की कीमत और बढ़ जाएगी।



केवल नोएडा अथॉरिटी ने ही लीज होल्ड का कांसेप्ट चुना

नोएडा में जमीन के मामले देखने वाले लीगल एक्सपर्ट अनू अग्रवाल का कहना है कि यूपी में सात इंडस्ट्रीयल अथॉरिटी हैं जिनमें फ्री होल्ड लैंड का कांसेप्ट है, लेकिन केवल नोएडा अथॉरिटी ने ही लीज होल्ड का कांसेप्ट चुना। दरअसल इससे नोएडा अथॉरिटी को मोटी रकम मिलती है। जिससे बाकी के विकास कार्य किए जाते हैं। अगर जमीन को फ्री होल्ड कर दिया जाएगा तो इस पर अथॉरिटी का कंट्रोल खत्म हो जाएगा, जिससे इलाके के विकास मॉडल पर भी असर पड़ेगा। वहीं बायर्स को फायदा होगा कि उन्हें सालाना ग्राउंड रेंट नहीं देना होगा।

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