
नोएडा। शहर के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर जिला अस्पताल का नाम बदलने से नाराज दलित समाज के लोगों में सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं प्रदर्शन करने से पहले प्रदर्शनकारियों ने शहर में प्रदर्शन रैली भी निकाली। वहीं इसकी सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मश्क्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत करा दिया।
इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने इस अस्पताल का निर्माण कराया था। अब भाजपा के लोग बाबा साहब का नाम हटाकर दलित समाज के लोगों को अपमानित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले यह संयुक्त जिला अस्पताल के नाम से जाना जाता था। बाद में जब बसपा के अध्यक्ष ने इसका निर्माण कराया तो इसका नाम बाबा साहब के नाम पर किया गया। लेकिन, अब भाजपा के लोगों ने उनके नाम को हटा दिया। इसे बसपा और दलित समाज के लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे और जब तक इसका नाम वापस बाबा साहेब के नाम पर नहीं किया जाता तब तक प्रदर्शन होता रहेगा।
उन्होंने बताया कि जब मायावती सत्ता में आईं थीं, तब उन्होंने इसे ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में बनाया था और इस पर 600 करोड़ रुपये से अधिक धन खर्च किया गया था। सपना था कि इस अस्पताल से गरीबों और दलितों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी, लेकिन पहले समाजवादी पार्टी सरकार और अब बीजेपी सरकार के शासनकाल में इसकी हालत बद से बद्तर हुई है। यहां तक कि नोएडा प्राधिकरण को इसके रहनुमा बनाया गया था, उसने भी फंड की कमी का हवाला देते हुए अपने हाथ खींच लिए। लेकिन अब भाजपा सरकार ने इसका नाम बदल दिया है। बाबा साहेब का नाम हटाकर सरकार दलित समाज का अपमान कर रही है। यदि इसका नाम वापस बाबा साहेब के नाम पर नहीं किया गया तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक ईंट से ईंट बजा देंगे।
Updated on:
16 Jan 2018 03:01 pm
Published on:
16 Jan 2018 02:55 pm
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