
नोेएडा। एसटी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में दलितों ने जब एक दिन भारत बंद बुलाया तो शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण को समाप्त करने के लिए सामान्य और पिछड़ा वर्ग के लोगों ने भी दस अप्रैल को बंद बुलाया। जिसका देश के कई हिस्सों में असर देखने को मिला। पश्चिमी यूपी के भी कई जिलों में आरक्षण समाप्त करने के लिए सामान्य वर्ग के नौजवान सड़को पर उतरे और आरक्षण समाप्त करने की मांग की।
हापुड़, गाजियाबाद, मुज्जफरनगर, रामपुर, मेरठ समेत कई जिलों में प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर थी। जिससे किसी भी प्रकार की बड़ी हिंसा ना हो सके। इसके साथ ही कई जगहों पर इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी गई थी। हालाकि पश्चिमी यूपी के किसी भी जिले से आरक्षण के विरोध के दौरान हिंसा की खबर नहीं है।