
नोएडा. सेक्टर-58 कोतवाली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थी के स्थान पर मुन्नाभाई को बिठाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि गिरोह का सरगना फरार होने में सफल हो गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल, विभिन्न परीक्षाओं के 70 प्रवेश पत्र, स्क्रीन शॉट, 12 हजार रुपये और दो कारें बरामद की हैं। आरोपी नोएडा के सेक्टर-62 में स्टाफ सर्विस सिलेक्शन (एसएससी) की परीक्षा दिलाने आए थे। पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों के नाम ललित, अनिल कुमार, यशवीर, रोहित व राकेश हैं, जिन्हें पुलिस ने सेक्टर-62 स्थित डी पार्क के पास से गिरफ्तार किया है। इन सभी को अलीगढ़ के गिरोह के रूप में जाना जाता है। ये गिरोह प्रतियोगी परीक्षाओं में पास करने के नाम धोखाधड़ी कर मोटी रकम वसूलता था।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि एक इनपुट के आधार पुलिस ने आराेपियों को नोएडा सेक्टर-62 स्थित डी पार्क के पास से पकड़ा है। गिरोह का सरगना हर्षित फरार है। पकड़े गए अरोपी विभिन्न कोचिंग सेंटर के आसपास घूमते रहते थे और यहीं से अभ्यर्थियों को एग्जाम में पास कराने की गारंटी देकर उनसे एडवांस रुपये ले लिया करते थे। पूछताछ में पता चला कि आरोपी परीक्षा पास कराने के लिए 6 से 8 लाख रुपये लेते थे।
चेकिंग से बचने के लिए बदल देते थे एडमिट कार्ड की फोटो
एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों से की गई पूछताछ से पता चला कि ये अभ्यर्थी के स्थान पर सॉल्वर बैठाने के लिए अभ्यर्थी का एडमिट कार्ड और उसके आधार कार्ड को बदल कर उसके स्थान पर सॉल्वर का फोटो लगा देते थे। जिसके जरिये आरोपी एग्जाम सेंटर पर चेकिंग करने वाले सुरक्षाकर्मियों को चकमा देने में भी कामयाब होते थे। आरोपी परीक्षा केंद्र के पास अपने वाहनों से आते थे और सॉल्वर को अभ्यर्थी से मिलाने के बाद परीक्षा दिलवाते थे। आरोपियों ने अब तक जिन परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराया है। उनकी जांच की जा रही है। इसकी जानकारी संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।
आरोपियों के दुबई और सिंगापुर में भी बैंक खाते
बताया जा रहा है कि गिरोह का सरगना हर्षित पिछले तीन सालों से यह नेटवर्क चला रहा है। हर्षित ने अपने गुर्गे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में तैनात किए हुए हैं। आराेपी एसएससी, इंडियन कोस्ट गार्ड, आरो, एआरओ, यूपीएसआई, एसएसबी, टीजीटी परीक्षा की परीक्षाओं में भी सॉल्वर बिठा चुके हैं। हर्षित सॉल्वर को परीक्षा देने के लिए पहले 20 हजार रुपये देता था। परीक्षा में पास होने पर 60 से 70 हजार रुपये और देता था। पुलिस को आरोपियों के व्हाट्सएप से दुबई के और सिंगापुर के बैंक खातों की जानकारी मिली है।
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Published on:
17 Dec 2021 12:59 pm
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