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ईनामी बदमाश अंकित गुर्जर को भगाने वाला गिरफ्तार

गांव में छिपकर रह रहा था अंकित का दोस्त
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Sarad Asthana

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Updated: 8 May 2016, 5:35 PM IST

ankit gujar

ankit gujar

नोएडा।
ईनामी बदमाश अंकित गुर्जर की पुलिस कस्टडी से भागने में मदद करने वाले
आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को मुखबिर की सूचना
पर उसी के गांव की नहर के पास से दबोचा। गिरफ्त में आया नरौली निवासी दीपक
हापड़ लूट, चोरी और रंगदारी जैसी वारदातों को अंजाम दे चुका है। दीपक पर
पांच हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था।

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भागा या भगाया गया अंकित

जारचा
कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी अंकित के साथी दीपक से पुलिस पूछताछ
में जुटी है। दीपक ही अंकित को लेने स्टेशन पहुंचा था। यहां से वह
पुलिसकर्मियों के साथ उसे लेकर ग्रेटर नोएडा स्थित फ्लैट पर पहुंचा था।
जहां से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर अंकित भागने में फरार हुआ। पुलिस पता
लगाने में जुटी है कि अंकित को भगाने में उसे लाने वाले पुलिसक​र्मियों की
मिलीभगत थी या उनकी लापरवाही।

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ऐसे भागा था अंकित

दादरी
में विजय पंडित समेत आधा दर्जन व्यापारियों की हत्या का आरोपी अंकित
गुर्जर महाराजगंज जेल में बंद था। 25 अप्रैल को विजय पंडित हत्याकांड मामले
में अंकित की सूरजपुर कोर्ट में पेशी थी। महाराजगंज के छह पुलिसकर्मी उसे
लेकर सुबह करीब साढे आठ बजे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। अंकित ने
पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर उन्हें अपने दोस्त की गाड़ी में गेेटर नोएडा
तक जाने के लिए मना लिया। अंकित ने दीपक व अन्य से दो गाड़ियां स्टेशन पर
मंगवाई। अंकित पुलिसकर्मियों को लेकर गे्रटर नोएडा स्थित अपने दोस्त के
फ्लैट पहुंचा।

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सभी आरोपियों को किया गया था बर्खास्त

अंकित
नहाने के बहाने बाथरूम में गया और वहीं से फरार हो गया। दीपक और अन्य
लोगों ने पुलिसकर्मियों को नाश्ता कराया और बहाने से सभी वहां से निकल गए।
बाथरूम से आवाज ने आने पर पुलिसकर्मियों दरवाजा तोड़कर देखा तब पता चला कि
अंकित फरार हो चुका है। उन्होंने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों
को दी। अंकित के साथ गए छह पुलिसकर्मियों को डीजीपी जवीद अहमद ने नौकरी से
बर्खास्त कर दिया था। सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया था।
सभी अगले दिन जमानत पर बाहर आ गए थे।

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