
नॉएडा में बढ़ते प्रदूषण को मद्देनज़र रखते हुए प्रशासन कई तरीके अपना रहा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जिला प्रशासन ने वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए छह सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। इन सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट्स का काम नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में वायु प्रदूषण की निगरानी करना है और इन्हें नोएडा के 10 सर्किल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना होगा। इन्हें रोजाना डेटा तैयार करना और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी।
सीपीसीबी के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 490 पहुंच गया है, जबकि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क में एक्यूआई 450 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद में एक्यूआई 407 और ग्रेटर नोएडा में 412 है। गाजियाबाद कॉलोनी वर्तमान में सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका है।
एक्यूआई के 200 से ऊपर जाने पर पाबंदियां शुरू हो जाती हैं, जिसमें ट्रैफिक पुलिस डीजल और पेट्रोल वाहनों के खिलाफ अभियान चलाएगी। दूसरे चरण में 301 से 400 तक, चिह्नित हॉट स्पाट पर प्रदूषण रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा। तीसरे चरण में 401 से 450 तक, बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों को प्रतिबंधित किया जाएगा। चौथे चरण में 450 से ऊपर, एनसीआर से बाहर के पंजीकृत वाहनों को छूट मिलेगी, और इलेक्ट्रिक, सीएनजी, बीएस-6 मानक वाहनों को भी।
Published on:
06 Nov 2023 02:59 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
