22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिल्डर ने घर तो दिया लेकिन सुविधाएं नहीं दी, अब प्रदर्शन करने को मजबूर हुए लोग

शहर में अपने आशियाने का सपना देखने वाले लोगों की मुसीबते कम होने का नाम नहीं ले रही है।

2 min read
Google source verification
protest

नोएडा। यूपी का शो विंडो कहे जाने वाले नोएडा शहर में अपने आशियाने का सपना देखने वाले लोगों की मुसीबते कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले उन्हें अपने मकानों के लिए सड़कों पर उतर कर प्रोटेस्ट करना पड़ा और आज जब मकान मिल गए तो उन्हें बुनियादी सुविधाए न मिल पाने के कारण संघर्ष करना पड़ रहा है। सेक्टर-70 स्थित पैन ओएसिस और सैक्टर 78 में पंचशील प्रतिष्ठा बिल्डर के खिलाफ बायर्स ने सड़कों पर उतार कर जमकर हंगामा कर नारेबाजी की। बायर्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि मूलभूत सुविधाओं के नाम पर बिल्डर ने धोखाधड़ी की है।

यह भी पढ़ें : बड़ी खबर: न्यायालय में तैनात बाबू ने लगाई फांसी, जज पर उत्पीड़न का आरोप

अपनी मांगों को लेकर सेक्टर-70 स्थित पैन ओएसिस बिल्डर के खिलाफ बच्चे, बूढ़े और जवान सभी सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वाले लोगों की शिकायत है कि बिल्डर पर नोएडा प्राधिकरण का 131 करोड़ रुपये बकाया है जिसे उसने जमा नहीं कराया है। जिसके चलते प्राधिकरण बिल्डर को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दे रहा है। इस वजह से सोसाइटी में रहने वाले लोग अपने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। वहीं, बिल्डर ने मेंटेनेंस के नाम पर 2 साल का एडवांस पैसा ले रखा है। बिल्डर ने शुरुआत में जो वादे किये अब वह उन्हें भी पूरा नहीं कर रहा है। सोसाइटी में स्वीमिंग पूल, लिफ्ट, पार्क के नाम पर दो साल का पैसा मेनटेनेंस के रूप में एडवांस ले चुका है, लेकिन अभी तक यह योजना अधूरी हैं।

यह भी पढ़ें : फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा यूपी: दो एनकाउंटर में दो बदमाश और एक एसएचओ गोली लगने से घायल

वहीं सेक्टर-78 स्थित पंचशील प्रतिष्ठा बिल्डर के खिलाफ भी बायर्स सड़कों पर उतरे जमकर प्रदर्शन किया। उनकी भी मांग है कि लाखों रुपये खर्च कर उन्होने जैसे तैसे घर हासिल किया। लेकिन अब बिल्डर बुनियादी सुविधाएं ही नहीं दे रहा है। प्राधिकरण से लेकर प्रशासन तक इसकी शिकायत की है, लेकिन बिल्डर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं, बिल्डर भी खुद सामने नहीं आ रहा। ऐसे में हम इंसाफ के लिए कहां जाए।