
रिटायर्ड कर्नल ने सुनाई आपबीती, यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीएम योगी को लिखा पत्र
नोएडा. पुलिस ने एडीएम व रिटायर्ड कर्नल वीएस चौहान के बीच हुए विवाद मामले में सिपाही राहुल नागर और जितेंद्र अवस्थी को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अभी तक आरोपी एडीएम हरीश चंद्रा और अपराध में शामिल चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान ने एक प्रेसवार्ता कर एडीएम की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उन्होने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ को एक सात सूत्रीय मांग पत्र जारी कर कार्रवाई मांग की।
सेक्टर 29 स्थित अपने घर पर सहयोगियों के साथ प्रेसवार्ता करते हुए रिटायर्ड कर्नल वीएस चौहान ने पुलिस और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों के साथ पुलिस जब इस तरह की एकतरफा कार्रवाई कर सकती है तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार करती होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के कहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। दो घंटे के अंदर उन्हें गिरफ्तार करने वाली पुलिस आखिर आरोपी एडीएम और उनकी पत्नी को कैसे पकड़ नहीं पा रही है। उन्होंने शासन से आरोपी एडीएम को सस्पेंड करने और उनकी संपत्तियों की जांच की मांग की।
रिटायर्ड कर्नल ने कहा कि एडीएम हरीश चन्द्रा और उसकी पत्नी ने मुझ पर जो आरोप लगाए थे, वह सरासर निराधार हैं और यह उनकी सोची-समझी साजिश थी। इसका मुख्य कारण एडीएम द्वारा अपने फ्लैट में अनाधिकृत रूप से किए जा रहे निर्माण में हस्तक्षेप करना और प्राधिकरण द्वारा उस पर कार्रवाई करना था। अपने रसूख का फायदा उठाते हुए एडीएम ने पुलिस के साथ मिलकर मुझे झूठे आरोपों में जेल भिजवाया। वहीं सीसीटीवी फुटेज और डीएम के आदेश के बाद एडीएम समेत सात आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर तो दर्ज हो गई, लेकिन अभी तक एडीएम और उसकी पत्नी व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने क्यों नहीं की। इससे साफ पता चलता है कि पुलिस अभी भी गंभीर नहीं है, जिससे लिए आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांग पत्र जारी किया है। पूर्व सैनिकों ने रिहाई के बाद गुरुवार को रिटायर्ड कर्नल की मौजूदगी में नोएडा के सेक्टर -37 सामुदायिक केंद्र में मीडिया से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक सात सूत्रीय मांग पत्र जारी कर न्याय की गुहार लगाई गई है। अगर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती तो सभी पूर्व सैनिक हस्ताक्षर अभियान भी चलाएंगे।
वहीं इस मामले एसएसपी डॉक्टर अजय पाल शर्मा ने बताया कि रिटायर्ड कर्नल से उनकी मुलाकात हुई है। उन्होंने अधिकारियों पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। इसके बाद ही क्षेत्राधिकारी को दादरी सर्किल से हटाया गया है और तत्कालीन कोतवाली प्रभारी रहे मनीष सक्सेना को सूरजपुर कोतवाली से लाइनहाजिर किया गया है। एडीएम को पकड़ने के लिए कोशिश चल रही है, लेकिन अभी उनका पता नहीं लग सका है।
Published on:
23 Aug 2018, 1:09 PM IST
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