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ये है देश का सबसे बड़ा पराठा, 1886 से बना रहे लोग

साबू का पराठा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।
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मेरठ। पुरुषों को अगर खाना बनाने के लिए कह दिया जाए तो उन्हें ये किसी जंग से कम नहीं लगेगा। वहीं अगर बात गोल रोटी बनाने की हो तो अच्छे-अच्छे लोगों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन मेरठ के नौचंदी मेले में एक ऐसे व्यक्ति हैं जो गोल रोटी नहीं बल्कि गोल पराठा बनाने में माहिर हैं वो भी ऐसा वैसा नहीं पूरा ढ़ाई फीट का पराठा। इतना ही नहीं, इस पराठे का स्वाद इतना लजीज है कि यहां आने वाले लोग अपनी उंगलियां चाटते रह जाते हैं। पराठे का साइज और स्वाद ही है जो यह लोगों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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ढाई फीट का पराठा

दरअसल, मेरठ के प्रसिद्ध नौचंदी मेले में इन दिनों साबू का पराठा चर्चा का विषय बना हुआ है। हो भी क्यों न, लोगों ने शायद ही इससे पहले इतना बड़ा पराठा देखा होगा। इस मेले में आने वाले हर शख्स की नजर इस पराठे पर ही होती है और वह इसका स्वाद लिए बिना वापस नहीं जाता।

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ग्लोबल पराठे के नाम से भी प्रसिद्ध

मेले में नजीर होटल चलाने वाले मोहम्मद यूनूस बताते हैं कि उनकी चौथी पीढ़ी इस ग्लोबल पराठे को बनाने में जुटी हुई है। उनके बुजुर्गों द्वारा 1886 में यह हलवा पराठा बनाना शुरु किया गया था जिसे उनकी पीढ़ी दर पीढ़ी आज तक बनाती आ रही है। उनका कहना है कि इसे देश का सबसे बड़ा पराठा भी कहा जा सकता है क्योंकि आमतौर पर इतना बड़ा पराठा कोई नहीं बनाता।

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साबू का पराठा दिया गया नाम

मेले में प्रसिद्ध हो रहे इस पराठे को साबू का पराठा का नाम दिया गया है। अगर इसे देशा का सबसे बड़ा पराठा भी कहा जाए तो यह गलत नहीं होगा। वहीं आमतौर पर यह पराठा सिर्फ नौचंदी मेले में ही खाने को मिलता है। इस पराठे को खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।