
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की खुली पोल, बदइंतजामी ने की शिव भक्तों को सुलाया मौत की नींद
नोएडा। हर साल सावन शुरू होने के साथ ही कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो जाती है। इस बार भी सूबे की योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा को लेकर कई महीने पहले ही तैयारियों के निर्देश जारी कर दिए थे। इतना ही नहीं समय-समय पर योगी के मंत्री खुद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जाकर मौके पर तैयारियों और इंतजामों का जायजा लिया और कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को तमाम निर्देश जारी किए। अब जबकि सावन के साथ ही कांवड़ यात्रा की शुरुआत हो चुकी है खुद सीएम योगी एक दिन पहले तैयारियों का जायजा लेकर उन्हें बेहतर बताया। लेकिन सरकार के तमाम दावे उस वक्त धरे के धरे रह गए मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में सड़क हादसे में करीब पांच कांवड़ियों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद जहां तैयारियों को लेकर कई सवाल उठते हैं वहीं ये भी सवाल उठता है कि आखिर इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है, क्योंकि सरकार ने तो अपने अधिकारियों की पीठ थपथपा दी। लेकिन रूट डायवर्ट और रूट ब्लॉक होने के बाद कैसे सड़क हादसे हो गए ?
सावन शुरू होते ही हरिद्वार जाकर कांवड़ लाने के लिए शिव भक्त कावड़ियों की भीड़ शुरू हो जाती है। इसबीच शासन से लेकर प्रशासन तमाम तरह के इतजाम करने की बात करते है। रुट डायवर्ट से लेकर एंबुलेंस व्यावस्था तक की बात कर रही थी, लेकिन सरकार के दावों की उस वक्त पोल खुल गई जब 29 जुलाई को मुजफ्फरनगर में देर रात तेज गति से आ रहे ट्रक ने बाईक सवार 3 कांवड़ियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो कांवड़ियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक कांवड़िया घायल हो गया।
देंखे लाइव वीडियो: कांवड़ मार्ग का हाल देखिये कावंड़ मार्ग से लाइव सहारनपुर से
दूसरी घटना बुलंदशहर की है जहां 3 अगस्त की सुबह ही भयंकर सड़क हादसा हो गया। इसमें कांवड़ लेकन मुरैना लोट रहे आधा दर्जन कांवड़ियों को तेजरफ्तार रोडवेज बस ने अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो कावड़ियों की मौत हो गर्इ। वहीं चार कावड़ियों की हालत गंभीर बनी हुर्इ है। घटना की सूचना मिलते ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मदद के साथ मुआवजे का एेलान कर दिया है।
इन घटनाओं ने सरकार के दावों की कलई खोल कर रख दी है। बाताया जा रहा है कि शिव भक्तों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए रास्तों पर एलईडी लाइट लगई गई है, साथ ही कावड़ यात्रियों की हर पल की खबर के लिए कंट्रोल रुम भी बनाए गए है। कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से नजर रखी जायेगी। इसके अलावा जगह-जगह एंबुलेंस भी आपात स्थिती के लिए तैनात किए गए हैं। लेकिन हादसों ने उन पर पानी फेर दिया। हैरानी की बात ये है कि इस हादसों के बाद एक दिन पहले जब पश्चिमी यूपी में कांवड़ मार्गों का जायजा लिया तो संतुष्टि जताई है।
Published on:
04 Aug 2018 03:03 pm
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