
इसी मंदिर में रावण की पत्नी मंदोदरी पूजा करती थी। उनकी पूजा से प्रसन्न होकर शिवजी ने उसे वर दिया था।

बिल्वेश्वर नाथ महादेव मंदिर का इतिहास रामायण कालीन है। त्रेता युग में मंदोदरी अपनी सहेलियों के साथ इस मंदिर में पूजा के लिए आती थीं

इस मंदिर में सावन माह में कुंवारी लड़कियों की संख्या ज्यादा होती है।

रावण की इसी मंदिर में पहली बार मंदोदरी से मुलाकात हुई थी।