यह दस्यु सुंदरी समाजवादी पार्टी से इस केंद्रीय मंत्री के सामने लड़ेगी लोकसभा चुनाव!

कभी चंबल में खौफ का पर्याय रह चुकी है यह दस्यु सुंदरी

By: virendra sharma

Published: 15 Nov 2018, 04:02 PM IST

नोएडा. दस्यु सुंदरी सीमा परिहार का एक समय खौफ रहा था। 13 साल की उम्र में हथियार उठाने वाली सीमा परिहार के नाम 70 हत्या और 200 से ज्यादा लोगों के अपहरण के मुकदमे दर्ज हुए थे। लालाराम ने छोटी ही उम्र में दस्यु सरगना सीमा परिहार का अपहरण कर लिया थी। यहीं से शुरू हुआ था सीमा के डकैत बनने का सिलसिला। चंबल में खौफ कायम कर बिग बॉस जैसे रियलटी शो में किस्मत अजमा चुकी सीमा अब 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में ताल ठोकने की तैयारी में है।

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सीमा के अलावा ये दस्यु सुंदरी लड़ चुकी हैं चुनाव

सीमा परिहार ही पहली ऐसी दस्यु सरगना नहीं है कि जो चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इससे पहले कई लेडी डान चुनावी मैदान में उतर चुकी है। चंबल घाटी की डकैत नीलम गुप्ता, फुलन देवी जैसी दस्यु सरगना चुनाव लड चुकी है। नीलम ने इटावा से निर्देलीय चुनाव लड़ा तो फुलन देवी मिर्जापुर से। मिर्जापुर से 1996 में चुनाव लड़ने के बाद में फुलन देवी संसद पहुंची थी। फुलन देवी के जीवन पर बैंडिट क्वीन फिल्म भी बन चुकी है। औरेया की रहने वाली रेणु यादव का 2003 में अपहरण कर लिया गया था। उनके अपहरण चंदन यादव गिरोह ने किया था। बाद में रेणु ने रामवीर गुर्जर को गोली मार दी और फरार हो गई थी। हत्या के बाद में जेल गई और बाहर आने पर चुनाव लडा था।

ग्रेटर नोएडा में एक निजी प्रोग्राम में शामिल होने आई सीमा परिहार ने बताया कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव किस्मत अजामाएंगी। उनका चुनावी मुद्दा विकास और दबले कुचले वर्ग को आगे लाना है। उन्होेंने बताया कि समाज सेवा करने के लिए राजनीति जरुरी है। उन्होंने कहा कि वे खुद औरेया या फिर इटावा की राजनीति नहीं करना चाहती है। जिसकी वजह से उन्होंने वेस्ट यूपी को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए चुना है। हालाकि इससे पहले सीमा परिहार 2007 में मिर्जापुर की भदोही सीब् से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी है। सीमा परिहार पर 70 से ज्यादा हत्या और 200 अपहरण के आरोप लगे थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल 2 ही केस विचाराधीन हैं। बाकी में बरी हो चुकी हैं।

इस सीट से चुनाव लड़ने की यह भी हो सकती है वजह

उन्होंने बताया कि दलितों के मुद्दों को प्रशासन के सामने रखा जाएगा। साथ ही पिछले कई साल से अंबेडकर की प्रतिमा दनकौर कोतवाली में रखी हुई है। उस प्रतिमा को लगवाने के लिए जल्द ही डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रतिमा को नहीं लगाई जाती है तो आंदोलन भी किया जाएगा। एक तरफ जहां सीमा परिहार की दलित बोट बैंक पर नजर है। वहीं ये निर्भय गुर्जर की पत्नी रही है। ऐेसे में उन्हें गुर्जर वोट मिलने की भी उम्मीद है।

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इनके सामने लड़ेगी चुनाव

गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा के सामने चुनाव लड़ने की तैयारी सीमा परिहार कर रही है। माना जा रहा है कि भाजपा से डॉक्टर महेश शर्मा चुनाव लड़ेंगे। वहीं बसपा सुप्रमीमो मायावती ने हालही में वीरेंद्र डाढा का लोकसभा का टिकट काट दिया था। बसपा ने अभी कोई ओर प्रत्याशी इस सीट से घोषित नहीं किया है। राजनीति पाटीर् के सुत्रों ने बताया कि दस्यु सुंदरी सीमा परिहार समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। वहीं सीमा परिहार का कहना है कि कई राजनैतिक दल से लोकसभा टिकट के लिए बात चल रही है। उन्होंने बताया कि अगर किसी पार्टी की तरफ से टिकट नहीं मिलता है तो निर्देलीय ही चुनाव लड़ा जाएगा।

ठाकुर जाति से संबंध रखने वाली सीमा परिहार ने कहा कि जाति की राजनीति से दूर रहना चाहती हूं। गौतम बुद्ध नगर में ठाकुर निर्णायक भूमिका निभा सकते है। सीमा परिहार ने बताया कि गांव में पिता विवाह नहीं करना चाहते थे, इसी बात से नाराज डकैत लालाराम ने 1983 में 13 वर्ष की उम्र में अपहरण कर लिया था। उन्होंने बताया कि बीहड़ में रहने के बाद हथियार उठाने पड़े। निर्भय गुर्जर और लाला राम की गैंगवार में लालाराम मारा गया। बाद में उनकी शादी से निर्भय गुर्जर से हो गई। 2000 में समर्पण करने के बाद 2004 में इंडियन जस्टिस पार्टी में शामिल हो गई।

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