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नोएडा के जिला अस्पताल की लिफ्ट में फंसा दो साल का बच्चा, महिलाएं पीटती रही लिफ्ट का दरवाजा

Noida News: नोएडा के सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल की लिफ्ट में 2 साल का बच्चा समेत छह लोग करीब 30 मिनट तक फंसे रहे। इस दौरान लिफ्ट में फंसे लोग अंदर चींखते चिल्लाते रहे और अंदर से लिफ्ट का दरवाजा पीटते रहे।

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नोएडा के सेक्टर 39 स्थित जिला अस्पताल की फंसी लिफ्ट

Noida News: एनसीआर में लिफ्ट में फंसने की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। आए दिन लिफ्ट फंसने या गिरने के हादसों में कहीं लोगों की जान जा रही है। लिफ्ट में फंसने की वारदातों में पिछले दो महीने में वृद्धि हुई है। आज नोएडा के सेक्टर-39 के जिला अस्पताल की लिफ्ट में दो साल का बच्चा समेत 6 लोग 30 मिनट फंसे रहे। इस दौरान लिफ्ट में लगा पैनिक बटन काम नहीं कर रहा था। लिफ्ट में फंसे लोग शोर मचाते रहे। शोर सुनकर दो साल का मासूम बच्चा भी बिलखकर रोने लगा। इस दौरान लिफ्ट के अंदर मौजूद लोगों ने लिफ्ट को जोर—जोर से पीटना शुरू किया। तब अस्पताल स्टाफ हरकत में आया। इसके बाद इलेक्ट्रीशियन ने लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। लिफ्ट में फंसने की ये पहली घटना नहीं है। इससे पहले अस्पताल और CMO ऑफिस की लिफ्ट में कई बार लोग फंस चुके हैं।

घटना रविवार की है। जिला अस्पताल में मरीज से मिलकर वापस लौट रहे छह लोग और एक दो साल का बच्चा लिफ्ट से ग्राउंड फ्लोर पर आ रहे थे। इसी दौरान अचानक से लिफ्ट बंद हो गई। लिफ्ट बंद होने की स्थिति में लोगों ने लिफ्ट के अंदर से पैनिक बटन दबाया। लिफ्ट में फंसे लोगों ने आवाज लगाई और अपने परिचितों के पास कॉल किया। लेकिन तुरंत कोई नहीं आया।

लिफ्ट में फंसी पीड़िता दीपिका ने बताया कि करीब 30 मिनट बाद अस्पताल के इलेक्ट्रिशियन ने इन लोगों को लिफ्ट से निकाला। लिफ्ट में 2 साल की बच्ची भी थी। उसने बताया कि हम सभी लोग 5वें फ्लोर पर भर्ती मरीज से मिलने गए थे। जहां जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने बताया कि लिफ्ट बंद होने के 10 मिनट के अंदर लोगों को बाहर निकाल लिया गया था। किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। लिफ्ट में कोई मरीज नहीं था। अचानक बिजली सप्लाई रुकने से लिफ्ट बंद हुई थी।

तीमारदार-मरीज खुद ऑपरेट करते हैं लिफ्ट
जिला अस्पताल और CMO ऑफिस में 12 लिफ्ट हैं। एक भी लिफ्ट में ऑपरेटर नहीं है। जिससे लिफ्ट में फंसने के तुरंत बाद लोगों को निकाला जा सके। अस्पताल में एक शिफ्ट में एक इलेक्ट्रीशियन है। अगर कोई लिफ्ट फंसती है, तो उसे खोलने में 10 मिनट से अधिक का समय लगता है। लिफ्ट बंद होने की स्थिति में बेसमेंट में चली जाती है।
नोएडा में अब तक लिफ्ट में फंसने की दर्जनों घटनाएं हो चुकी है। जनवरी से लेकर अब तक करीब 15 ऐसी घटनाएं हुई हैं। जिसमें लोग कभी सोसाइटी की लिफ्ट तो कभी माल्स की लिफ्ट में फंसे हैं।

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इससे पहले 15 सितंबर 2023 को बिसरख में निर्माणाधीन आम्रपाली की एक बिल्डिंग की लिफ्ट गिरने से 8 मजदूरों की मौत हो गई। उससे पहले 17 जुलाई 2023 को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर सिटी- 2 की गैलेक्सी सोसायटी में देर रात बच्चा लिफ्ट में फंस गया। कड़ी मशक्कत से उसे बाहर निकाला जा सका।


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22 अप्रैल 2023 को ग्रेनो वेस्ट की एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के आइजीएल टावर की लिफ्ट खराब हो जाने के कारण दो महिला समेत पांच लोग लिफ्ट के अंदर तीन घंटे तक फंसे रहे थे। 28 जुलाई 2023 को सेक्टर-63 के एफ-464 स्थित कंपनी में लिफ्ट गिरने से सुपरवाइज़र की मौत हो गई। 14 जनवरी 2023 को ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 कॉमर्शियल बेल्ट में एस एल टावर की लिफ्ट फंसने से एक दर्जन से अधिक छात्र दो मंजिलों के बीच लिफ्ट में फंस गए थे।