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सपा की रार खत्म करने को आगे आए अमर सिंह, जानिए क्या कहा

अमर सिंह ने मीडिया से बात करते हुए सपा की रार खत्म करने पर अहम बयान दिया
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sandeep tomar

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Updated: 8 Jan 2017, 6:58 PM IST

Amar Singh

Amar Singh

नई दिल्ली/नोएडा. सपा परिवार में मचे घमासान के पीछे असली वजह समझे जाने वाले अमर सिंह ने रविवार को दिल्ली में कहा कि अगर उनके इस्तीफा देने से मुलायम परिवार की कलह शांत होती है तो वे तत्काल अपना इस्तीफा देने को तैयार हैं.

अमर सिंह ने कहा कि जो लोग उन्हें सपा में मची कलह के पीछे जिम्मेदारी बता रह हैं, वे अपनी खुद की विश्वसनीयता को परखें और देखें कि उन्होंने सपा पार्टी और मुलायम सिंह के परिवार के लिए क्या किया. उन्होंने कहा कि वे पार्टी से तो इस्तीफ़ा देने को तैयार हैं, लेकिन उसके बाद भी वे मुलायम सिंह के साथ बने रहेंगे क्योंकि वे मुलायम सिंह के बहुत पुराने साथी रहे हैं और हर दुःख-सुख में वे साथ निभाते आये हैं.

किसी को पसंद नहीं अमर सिंह

इसके साथ ही अखिलेश यादव पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि 'घर को आग लग गयी घर के चिराग से'. यानी उन्होंने अखिलेश यादव की बढ़ती महत्त्वाकांक्षा को पार्टी की कलह के पीछे असली वजह बताया. बता दें कि अमर सिंह सपा को सपा परिवार में मची कलह के पीछे असली वजह बताया जा रहा है. अखिलेश यादव उन्हें बिलकुल पसन्द नहीं करते हैं. उनके आलावा सपा के बड़े नेता आज़म खान और रामगोपाल यादव भी उनके धुर विरोधी माने जाते हैं. अमर सिंह को लेकर पहले भी पार्टी में कलह मची थी. उनके विरोध में आज़म खान ने सपा पार्टी तक छोड़ दी थी. अखिलेश यादव की अगुवाई में आजम खान और रामगोपाल के कड़े विरोध के बाद अंततः उन्हें और उनकी ख़ास सहयोगी जयाप्रदा को पार्टी से निकाल दिया गया था.

अमर को मिली अहम जिम्मेदारी

लेकिन पिछले दिनों पार्टी में बदलती परिस्थितियों में उन्हें पार्टी में वापस ले लिया गया. पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में भी भेज दिया. उनकी सहयोगी जया प्रदा को भी पार्टी में वापस ले लिया गया और उन्हें भी महत्त्वपूर्ण पद दे दिया गया. पार्टी में अमर सिंह के नाम पर बढ़ती कलह को नजरअंदाज करते हुए मुलायम सिंह ने उन्हें पार्टी में महासचिव का पद भी सौंप दिया. इसके बाद से ही हालात लगातार बिगड़ते चले गए.

माना जाता है कि बीच में ऐसे कई मौके आये जब मुलायम सिंह अखिलेश यादव के साथ समझौते पर तैयार हो गए थे, लेकिन यह अमर सिंह ही थे, जिन्होंने मुलायम सिंह को समझौते से वापस होने को मजबूर कर दिया. अमर सिंह इसी धारणा पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे.