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बेखौफ हैं ये चोर, क्योंकि इन पर है नेता जी का हाथ

पुलिस अधिकारी बन दिल्ली एनसीआर में वाहन चोरियों की 2500 वारदात को दिया अंजाम

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Lokesh Kumar

Jan 05, 2016

bike thief

bike thief

नोएडा।
कासना पुलिस को एक ऐसे वाहन चोर गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली है, जो एक नेता की शह पर पुलिस अधिकारी बन दिल्ली एनसीआर में वाहन चोरियों की वारदात को अंजाम दे रहा था। यह वाहन चोर गिरोह अब तक करीब2500 वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। ये बदमाश पहले वारदात को अंजाम देते थे। उसके बाद बकायदा पुलिस अधिकारी बन नीली बत्ती लगी कार से पुलिस को आसानी से चकमा देकर फरार हो जाते थे।


कासना थाना प्रभारी अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि सोमवार को मुखबिर से सूचना पर दो बदमाशों ऐसे बदमाशों को पकड़ा गया है, जो एक बड़े नेता की शह पर एनसीआर में चोरियों की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। हालांकि पुलिस ने नेता के नाम का खुलासा नहीं किया है। पुलिस ने सोमवार को सेक्टर-चाई 4 के पास से इन दोनों चोरों को पकड़ा है। रामकुमार उर्फ रामू कुरसंडा गांव और सुशील उर्फ सुनील वाथम नंदरेला गांव जिला मैनपुरी के रहने वाले हैं। वहीं गिरोह का सरगना वीपी उर्फ विजय पाल यादव फरार है।


पूछताछ में चोरों ने बताया कि वे ग्रेटर नोएडा, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, रोहतक समेत दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब ढाई हजार वाहन चोरी कर चुके हैं। ये बाइक चुराने के लिए मास्टर की का उपयोग करते थे। नहीं खुलने पर लॉक तोड़ देते थे। वहीं गियर लॉक और टायर लॉक काटने के लिए अपने पास कटर भी रखते थे। इसके बाद वाहनों को मैनपुरी, इटावा, एटा, अलीगंज समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ले जाकर 5 से 15 हजार रुपए में बेच देते थे।



मैनपुरी के बड़े नेता का हाथ

पकड़े गए चोरों ने पूछताछ में बताया कि उनके गिरोह पर मैनपुरी के एक पार्टी के किसी बड़े नेता का हाथ है। बताया जा रहा है कि नेता रसूख के दम पर चोरी करने के लिए बढ़ावा देता है। उसी के संरक्षण में गिरोह चल रहा है। पुलिस को चकमा देकर चोर निकल जाते थे। पूछताछ में बताया कि जब कहीं चेकिंग चल रही होती थी तो उनका दूसरा साथी पुलिसकर्मियों से कार में पुलिस अधिकारी के बैठे होने की बात कहकर बचकर निकल जाते थे।

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