उन्होंने कहा कि प्रचार अभियान के लिए तीन-चार महीने का समय भी बहुत पर्याप्त होता है। इसलिए जो उम्मीदवार पहले से ही क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं, भाजपा बहुधा उन्हें ही टिकट देती है और उनके लिए इतना समय पर्याप्त होता है। उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों में बाहर के किसी भी व्यक्ति को टिकट दिया जाता है उन्हें क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए ज्यादा समय की जरूरत होती है, जबकि भाजपा के साथ ऐसा नहीं होता।