
नोएडा. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में शीत लहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अधिकतर जिलों में कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। बिजनौर में न्यूनतम तापमान महज 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों आगामी दिनों में शीत लहर का प्रकोप बढ़ने से ठंड बढ़ने के आसार जताए हैं। वहीं, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर के साथ उत्तर पश्चिमी भारत में हाड़ कंपाने वाली ठंड की संभावना व्यक्त की हैै। आईएमडी ने आगामी पांच दिनाें में गंभीर शीतलहर (Severe Cold Waves) चलने का पूर्वानुमान जताया है। इसके साथ ही पारा भी 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना जताई है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, गुजरात और पंजाब में गंभीर शीतलहर चलने के आसार बन रहे हैं। आईएमडी ने पूर्वानुमान व्यक्त किया है कि आने वाले चार-पांच दिनों में उत्तर पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों में तापमान दो से चार डिग्री तक गिर सकता है।
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21 दिसंबर तक गंभीर शीतलहर
आईएमडी के मुताबिक, 21 दिसंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शीतलहर के गंभीर होने के आसार हैं। इससे गलन भरी सर्दी महसूस होगी। इससे कड़ाके की ठंड का आगाज हो जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड से सटे बिजनौर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर मेें इन दिनों कड़ाके की ठंड शुरू हो चुकी है। वहीं अन्य जिलों में भी अगले दो-तीन दिन में भीषण ठंड का प्रकोप देखने को मिलेगा। बता दें कि गुरुवार की शुक्रवार की सुबह की शुरुआत भी कोहरे के साथ हुई। हालांकि दिन निकलने के साथ सूरज ने थोड़ी राहत जरूर दी।
विशेषज्ञों की राय
वेस्ट यूपी में पिछले कई दिनों से ठंड का असर तेजी से बढ़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बढ़ती ठंड के दौरान सास, दमा, सीओपीडी और हृदय रोगियों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। मरीजों को चाहिए कि वे सुबह और शाम के समय टहलने से बचें। अगर घर से निकलना भी है तो गर्म कपड़े जरूर पहनें इसके साथ ही सिर को गर्म कैप से ढकें। ठंडे पानी के स्थान पर गुनगुने पानी का सेवन करें। इसके साथ ही नहाने के दौरान भी गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करें। हल्का व्यायाम करें। वहीं, बच्चों में विंटर डायरिया का खतरा रहता है। इसलिए उन्हें भी ठंड से बचाकर रखें।
Published on:
17 Dec 2021 10:11 am
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