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Coronavirus: देश में आया चलता फिरता वेंटिलेटर, बगैर लाइट के भी चार घंटे किया जा सकेगा इस्तेमाल, कीमत भी है कम

Highlights. मेक इन इंडिया के तहत वेंटिलेंटर किए गए तैयार . महज 2.5 किलो वजन है वेंटिलेटर का. कोरोना वायरस को देखते हुए तैयार किए जा रहे हैं वेंटिलेटर

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नोएडा। कोरोना वायरस से जंग के लिए नोएडा की एक कंपनी ने पोर्टेबल वेंटिलेटर तैयार किया है। टरबाइन बेस्ड कई खूबियों वाले इस वेंटिलेटर का इस्तेमाल अस्पताल के अलावा घर, ट्रेन और होटल समेत किसी भी जगह पर आसानी से किया जा सकता है। बगैर बिजली के भी यह वेंटिलेटर चार घंटे तक कार्य कर सकेगा। दरअसल, यह पावर चार घंटे का पॉवर बैकअप देगा।

कोविड़-19 के वैश्विक महामारी से निपटने में वेंटिलेटर जीवनदायक साबित हुआ है, लेकिन बीमारों की संख्या को देखते उपलब्धता में काफी कमी है। सेक्टर-7 स्थित एजीवीए मेडिकेयर कंपनी एक पोर्टेबल वेंटिलेटर तैयार किया जो महज 1.5 लाख रुपये में ही उपलब्ध है। एडवांस फीचर वाला पोर्टेबल वेंटिलेटर है। इसका वजन सिर्फ 2.5 किलो है। इसे अस्पताल, क्लीनिक, घर, होटल, ट्रेन और अन्य दूसरी जगहों पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कंपनी के सेल्स एंड मार्केटिंग मैनेजर शिवम मिश्रा बताते कि नॉर्मल वेंटिलेटर को सिर्फ अस्पतालों में ही इस्तेमाल किया सकता है। उसका वजन और दाम अधिक होता है। नार्मल वेंटिलेटर 10 से 12 लाख रुपये में आता है। लेकिन, यह सिर्फ 1.5 लाख रुपये में ही उपलब्ध होगा। घरों में क्वारंटाइन किए जाने वाले मरीजों के लिए भी यह मददगार है। उन्होंने बताया कि इस वेंटिलेटर में चार घंटे का पॉवर बैकअप है। पॉवर सप्लाई नहीं होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत इसका उत्पादन किया जा रहा है।

भारत सरकार ने 10 हजार वेंटिलेटर का आर्डर दिया है। इनमें से 3000 पोर्टेबल वेंटिलेटर बनकर तैयार हो चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मई के पहले हफ्ते में वे 10 हजार वेंटिलेटर भारत सरकार को सौंप देंगे।

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