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जीबीएन से इलाहाबाद हार्इकोर्ट, लाहौर से भी दूर

न्याय पाने को वेस्ट यूपी के लोगों को 600 किमी से भी ज्यादा का करना पड़ता है सफर
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Archana Sahu

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Updated: 9 May 2016, 5:17 PM IST

highcourt

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नोएडा।
वेस्ट यूपी में एक फिर से हार्इकोर्ट बेंच की आवाज लगनी शुरू हो गर्इ है। आखिर क्यों जरूरी है वेस्ट यूपी में हार्इकोर्ट बेंच? जब भी बेंच को लेकर आवाज उठती है तो इलाहाबाद में क्यों विरोध शुरू हो जाता है? वेस्ट यूपी की जनता को इस बेंच को कितना फायदा पहुंचेगा? ये तमाम सवाल एेसे हैं जिन्हें जानना बेहद जरूरी है। अाप ये बात जानकर चौंक जाएंगे कि गौतमबुद्घनगर से लाहौर हार्इकोर्ट की दूरी इलाहाबाद हार्इकोर्ट से करीब 150 किमी कम है। देश के 6 प्रदेश एेसे हैं जिनकी दूरी या तो कुछ घंटों की है या फिर कुछ किमी की।


इलाहाबाद जाने से ज्यादा आसान लाहाैर जाना


उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हार्इकोर्ट जाने के लिए गौतमबुद्घनगर के लोगों को न्याय पाने के लिए 650 किमी से भी ज्यादा सफर तय करना पड़ता है। उसके बाद भी भरोसा नहीं उन्हें उसी दिन न्याय मिलेगा या नहीं। तारीख पड़ने के बाद फिर वही दूरी तय करनी पड़ती है। ये जानकर बड़ी ही हैरानी होती है कि पाकिस्तान के लाहौर स्थित हार्इकोर्ट की दूरी मात्र 515 किमी है। यानी इलाहाबाद से करीब 150 किमी कम। अगर लाहौर भारत में होता तो लाहौर में न्याय पाना इलाहाबाद से ज्यादा आसान होता।


इन राज्यों के हार्इकोर्ट के भी ज्यादा दूर नहीं


अगर बात अपने देश के दूसरे राज्यों की करें को यूपी के सबसे हार्इटेक शहर नोएडा या गौतमबुद्घनगर से ज्यादा नजदीक है। अगर बात दिल्ली हार्इकोर्ट की करें तो बड़ी ही आसानी से कुछ ही मिनटों में पहुंचा जा सकता है। महज 23 किमी की दूरी करने के बाद दिल्ली हार्इकोर्ट पहुंचा सकता है। वहीं बात शिमला हार्इकोर्ट की दूरी 375 किमी, चंडीगढ़ हार्इकोर्ट 280, ग्वालियर हार्इकोर्ट की दूरी 325 किमी, राजस्थान के जयपुर हार्इकोर्ट की दूरी 335 किमी, उत्तराखंड के नैनीताल हार्इकोर्ट की दूरी 282 किमी है।


आखिर वेस्ट यूपी में बेंच की क्यों हैं जरुरत?


वेस्ट यूपी में कुल जिलों की संख्याः 26


वेस्ट यूपी पड़ने वाली कमिश्नरीः 06


यूपी की कुुल जनसंख्याः 23 करोड़


वेस्ट यूपी की कुल जनसंख्याः 7 करोड़


26 जिलों पड़ने वाले विधानसभाआें की संख्याः 126


वेस्ट यूपी में पड़ने वाले लोकसभा क्षेत्रों की संख्याः 26


इलाहाबाद हार्इकोर्ट में कुल पेंड केसों में वेस्ट यूपी का हिस्साः 52 फीसदी


वेस्ट यूपी में कुल वकीलों की संख्याः करीब एक लाख


गौतमबुद्घनगर में कुल वकीलों की संख्याः 2000 से अधिक



क्या कहते हैं वेस्ट के वकील?


गौतमबुद्घनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष परमेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि वेस्ट यूपी बेंच की जरुरत इसलिए है क्योंकि वेस्ट यूपी के लाखों केस पेंडिंग पड़े हुए हैं। लोगाें को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वेस्ट यूपी हार्इकोर्ट बेंच संघर्ष समिती के महामंत्री संजय शर्मा ने बताया कि हम अपनी आेर से कोर्इ भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इस मामले में हमारी सेंट्रल मिनीस्टर से बात कर रहे हैं। हार्इकोर्ट बेंच संघर्ष समिती के पूर्व महामंत्री करीब 7 करोड़ लोग वेस्ट यूपी में रहते हैं। करीब एक लाख वकील पिछले कर्इ साल से इस बारे में कह रहे हैं। अब इस बारे में गवर्नमेंट को सुनना चाहिए।