
-15 दिन से शहरवासी पेयजल के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के काट रहे चक्कर
- समस्या का नहीं हो रहा समाधान
झालावाड़. झालावाड़ शहर कालीसिंध नदी के निकट बसा होने के बाद भी यहां के वाशिंदों को भीषण गर्मी में पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। शहर में नलों में कहीं पानी नहीं आ रहा, कहीं आ रहा तो पीला व बदबूदार। ऐसे में जिनके पानी आ रहा वो भी परेशान, जिनके नहीं आ रहा वो पानी के लिए परेशान। ये परेशानी पिछले एक पखवाड़ से बनी हुई है। लेकिन जिम्मेदार है कि इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुछ मोटरें खराब है, कुछ कम एचपी की होने से पानी पर्याप्त स्टोर नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पानी की किल्लत के चलते शहरवासी कोई धरना प्रदर्शन व शिकायत करने जाते हैं तो समस्या का समाधान का आश्वासन पूरा मिलता है। लेकिन शहरवासियों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। राजस्थान पत्रिका टीम ने सोमवार को रियलिटी चेक की तो नजारा कुछ अलग ही नजर आया। जलदाय विभाग की मोटरें खराब है, अधिकारी बोल रहे हैं हमनें नई मोटरें खरीद ली। मौके पर जाकर देखा तो छह मोटरें खराब मिली। ऐसे शहर को पर्याप्त जलापूर्ति होना संभव नहीं है। पीपाजी दह व पंप हाउस एक-एक मोटरों के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में आधे शहर में समय पर व पर्याप्त जलापूॢत नहीं हो पा रही है।
पत्रिका टीम पहले राडी के बालाजी पंप हाउस पर पहुंची। यहां देखा तो पांच में से चार मोटरें खराब है। एक मोटर से ही काम चलाया जा रहा। इसके बाद टीम पीपाजी दह पर पहुंची। जहां से आधे शहर को जलापूर्ति होती है। यहां भी तीन मोटरें है, लेकिन 150 एची की मोटर खराब है। 125 एचपी की मोटर से ही सप्लाई की जा रही है। वहीं 150 एचपी की एक मोटर शो पीस रखी हुई है, अगर उसे भी चालू कर दिया जाएं तो पानी स्टोर की समस्या ही खत्म हो जाएं। पर्याप्त पानी स्टोर नहीं होने से शहर में जलापूर्ति गड़बड़ा रही है। इधर जिम्मेदार अधिकारी ठेकेदार के भरासे ही काम चल रहा है। जबकि स्थानीय विधायक व पूर्व सीएम वसुन्धरा राजे पूर्व में पेयजल को लेकर खासी नाराजगी जाहिर कर चुकी है। बावजूद उसके अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर वासियों को पर्याप्त पीने का पानी नहीं मिलने की समस्या को लेकर जिला कलक्टर को समस्या से अवगत करवाकर शहर में सुचारू पेयजल उपलब्ध करवाए जाने की मांग की गई। शहर के लोगों ने बताया कि जलापूर्ति पीपाजी पम्प हाउस से सप्लाई बाधित चल रही है। जलदाय विभाग इस समस्या को गम्भीरता से नहीं ले रहा है। जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठा रहे हैं। शहर में बिजली गुल हो जाती है। इस भीषण गर्मी में शहर वासियों ने पेयजल व बिजली समस्या का निदान करने की मांग की। जिला कलक्टर ने इस गम्भीर समस्या का निदान कर शहर वासियों को राहत प्रदान करने का आश्वासन दिया। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
शहर के सजय कॉलोनी, भोई मोहल्ला,रेतवाड़ा आदि क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि सुबह 6बजे नल आने का समय है, वहां 8.30 बजे नल आ रहा है। जहां 8बजे का समय है वहां 12 बजे नल आ रहे हैं। वो भी बहुत कम आ रहा है। संजय कॉलोनी के विनोद कुमार ने बताया कि शहर में 24 घंटे अमृत योजना में नल देने का वादा किया था, वहां 24 मिनट भी नलों में पानी नहीं आ रहा है। हैंडपंप व ट्यूबवैल के भरोसे ही पीने का पानी मिल रहा है।
सूत्रों ने बताया कि पीपाजी दह में पानी की मोटर नीचे मिट्टी में धंसी हुई है, वहीं नीचे से पानी के साथ मिट्टी खींच रही है, वहीं पानी खराब होने से बदबू मार रहा है। अगर जलदाय विभाग के लोग पानी की मोटर को ऊपर कर दें तो गंदा पानी आना बंद हो जाएं।
अब कहीं समस्या नहीं है। एकाध जगह हो सकती है। गंदा पानी कहीं नहीं आ रहा है। कोई मोटर खराब नहीं है जो मोटरें है वो विभाग की अतिरिक्त मोटरें है। फिर भी कहीं दिक्कत आ रही है तो दिखवाते हैं।
Published on:
27 May 2025 11:50 am
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
