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उत्तराखंड से राजस्थान जाएगी बाघिन, फीमेल टाइगर की कमी करेगी पूरी

State Tiger Transfer Project:उत्तराखंड से जल्द ही बाघिन राजस्थान भेजी जाएगी। बाघिन राजस्थान में फीमेल टाइगर की कमी के कारण बाघों में चल रहे संघर्ष को कम करने में मदद करेगी। साथ ही इससे राजस्थान के बाघों की नस्लों में सुधार भी आएगा।

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लखनऊ

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Naveen Bhatt

Feb 17, 2025

Under the State Tiger Transfer Project, tigresses will be sent from Uttarakhand to Rajasthan

उत्तराखंड से बाघिन राजस्थान भेजी जाएगी

State Tiger Transfer Project: उत्तराखंड से बाघिन राजस्थान भेजी जाएगी। इसे लेकर दोनों राज्यों के वन अफसरों के बीच वार्ता हो चुकी है। दोनों राज्यों की सरकारों की सहमति के बाद ये कवायद चल रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की हरी झंडी मिलने के बाद बाघिन को राजस्थान भेजा दिए जाएगा। बता दें कि राजस्थान में बाघों में अपना क्षेत्र बनाने के चलते संघर्ष बढ़ रहा है। बाघिनों की कमी भी उनके बीच आपसी संघर्ष को बढ़ा रही है। इससे बाघों की सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। राजस्थान के अभ्यारण्यों में एक ही नस्ल के बाघ हैं। लंबे समय से इनकी ब्रीड में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही थी। ये मामला बीते दिनों राजस्थान सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्री की वन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में उठा था। तय किया गया था कि बाघिनों की कमी के लिए स्टेट टाइगर ट्रांसफर प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड से बाघिन राजस्थान भेजी जाएगी। उत्तराखंड के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन रंजन कुमार मिश्रा के मुताबिक राजस्थान में बाघों के आपसी संघर्ष को देखते हुए वन अधिकारियों ने बाघिन देने को लेकर वार्ता की है। वार्ता अभी शुरुआती दौर पर है। राज्यों की सरकार की सहमति और एनटीसीए की हरी झंडी के बाद बाघिन को भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बाघों की नस्लों में भी होगा सुधार

राजस्थान के टाइगर रिजर्व बाघिनों की कमी से जूझ रहे हैं। इन टाइगर रिजर्व में बाघों के मुकाबले बाघिनों की संख्या बहुत कम हो गई है। एक बाघ के साथ दो-तीन बाघिनें विचरण कर सकती हैं। लंबे समय से टाइगर रिजर्व में बाघिनों की कमी महसूस की जा रही थी। वन विभाग की ओर से लंबे समय से अन्य राज्यों के टाइगर रिजर्व से बाघिनों का पुनर्वास कराने की योजना पर कार्य किया जा रहा था। बीते दिनों एनटीसीए ने भी अन्य राज्यों से बाघिनों को लाने की योजना को मंजूरी दे दी थी। अब दूसरे राज्यों से राजस्थान में बाघिन लाने का रास्ता साफ हो गया है। दूसरे राज्यों से बाघिन राजस्थान आने से यहां टाइगर ब्रीड में सुधार भी होगा।

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राज्य के भीतर शिफ्ट किए जा चुके हैं बाघ

2020 में एनटीसीए की अनुमित के बाद बाघ और बाघिन को राज्य के भीतर एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट (ट्रांसलोकेशन) का काम किया जा चुका है। मार्च 2024 तक 2 बाघ और 2 बाघिन को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी नेशनल पार्क भेजा जा चुका है।