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घातक दुष्प्रभावों से ध्यान हटाने की कोशिश

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 200 तरह की बीमारियों और चोटों में शराब का हानिकारक उपयोग इसका एक प्रमुख कारण है।

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Sunil Sharma

Dec 04, 2017

depression

Depression treatment

- भारत डोगरा, वरिष्ठ पत्रकार

लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसन ने बताया कि तंबाकू उद्योग की तरह एल्कोहल उद्योग भी तरह-तरह के हथकंडों को अपना कर कैंसर और एल्कोहल के नजदीकी संबंध को स्पष्ट होने से ध्यान हटाता रहा है।

शराब के स्वास्थ्य पर बहुत प्रतिकूल असर के बारे में जानकारियां बहुत पहले से उपलब्ध रही हैं, पर हाल के समय में जो नई जानकारियां मिल रही हैं उनसे पता चलता है कि शराब से होने वाली क्षति अनुमानों से भी कहीं अधिक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की शराब और स्वास्थ्य स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार विश्व भर में होने वाली असमय मौतों में 5.9 प्रतिशत मौतें शराब के कारण हुई।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 200 तरह की बीमारियों और चोटों में शराब का हानिकारक उपयोग इसका एक प्रमुख कारण है। पूर्व के शोधों में अधिक शराब पीने को ही मस्तिष्क की क्षति, याद रखने की क्षमता पर प्रतिकूल असर और डिम्नेंसिया से जोड़ा जाता था। लेकिन पिछले दिनों ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी व यूनिवर्सिटी कॉजेल लंदन के नए अनुसंधान से पता चलता है कि अपेक्षाकृत कम शराब पीने से भी मस्तिष्क की ऐसी ही क्षति संभव है।

उल्लेखनीय है कि सडक़ दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में से 44 प्रतिशत में एल्कोहल की भूमिका पाई गई है। अगर वाहन चालक ने शराब पी हुई हो तो दुर्घटना की संभावना 3 से 15 गुणा बढ़ जाती है। दोपहिया दुर्घटनाओं में मरने वाले 50 प्रतिशत चालक शराब के नशे में पाए गए। वहीं दूसरी ओर घर में होने वाली दुर्घटनाओं में भी 23 से 30 प्रतिशत में एल्कोहल की भूमिका पाई गई। इसके साथ ही आग लगने और जलने की 46 प्रतिशत दुर्घटनाओं में एल्कोहल मुख्य कारण होता है।

दूसरी ओर शराब उद्योग से जुड़े कारोबारी दिन-रात इस कुप्रयास में लगे रहते हैं कि शराब के विज्ञापनों और विभिन्न वैज्ञानिक शोधों में किसी तरह शराब के दुष्परिणामों को कम कर बताया जाए या अधिक से अधिक छिपा कर रखा जाए। हाल ही में लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसन तथा स्वीडन के केरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के अध्ययन ने बताया है कि तंबाकू उद्योग की तरह एल्कोहल उद्योग भी तरह-तरह के हथकंडों को अपनाकर कैंसर और एल्कोहल के नजदीकी संबंध को स्पष्ट होने से ध्यान हटाता रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि कई तरह के कैंसर जैसे मुंह, लिवर, स्तन, कोलोन और बावल के लिए यह एक स्पष्ट रूप से स्थापित कारण है। एल्कोहल की खपत में वृद्धि के साथ ही कैंसर का खतरा बढ़ता जाता है। कानून व्यवस्था से जुड़े विभिन्न देशों में हुए अध्ययनों में यह सामने आया है कि 50 प्रतिशत से अधिक यौन हिंसा और हमलों में शराब व नशीली दवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जरूरत है शराब के खिलाफ जागरूक होने की न कि सरकारों का मुंह ताकने की।