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आपकी बात, क्या खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ रही हैं?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Gyan Chand Patni

Jan 04, 2021

आपकी बात, क्या खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ रही हैं?

आपकी बात, क्या खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ रही हैं?

खराब जीवनशैली के दुष्परिणाम
पिछले कुछ समय से बीमारियों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है, जिनमें बहुत सी बीमारियां गलत जीवनशैली जनित भी हैं। आपाधापी में लोग न तो नींद पूरी कर पाते हैं, न ही समय पर खाना-पीना हो पाता है। समय अभाव की वजह से जल्दी पकने वाला आहार ग्रहण करते हैं, जिसकी वजह से सही पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते। फलस्वरूप लोग कई बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। देर रात तक जगना, सुबह देर से उठना, मोबाइल या कम्प्यूटर पर लम्बे समय तक काम करना, शारीरिक श्रम का अभाव, आरामदायक जीवन शैली के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। इससे मोटापा, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मानसिक तनाव एवं अवसाद, कमरदर्द, कुपोषण, अनिद्रा, चिड़चिडा़पन, कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। खराब जीवनशैली के अलावा पर्यावरणीय प्रदूषण, कीटनाशक पदार्थों के अत्यधिक इस्तेमाल एवं खाद्य पदार्थों में मिलावट भी बीमारियों को बढाऩे के लिए उत्तरदायी हैं
-डॉ. राकेश कुमार गुर्जर, सीकर
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जीवनशैली में सुधार के लिए जागरूकता जरूरी
खराब दिनचर्या और जीवनशैली न केवल बीमारियों को बढ़ा रही है, अपितु मौत का कारण भी बनती जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष 52 प्रतिशत लोग खराब जीवन शैली के चलते गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। असल में आज हम भूलते जा रहे हैं कि सादा जीवन कैसे जीएं? सही जीवन प्रबंधन कैसे करें? केवल पद, पैसा, भोग-विलास में फंस कर रोगग्रस्त हो रहे हैं। यह चिंता का विषय है। अत: हमें सही खानपान, आदतों और उचित जीवनशैली के प्रति सजग होना ही चाहिए। जीवनशैली में सुधार के लिए हर व्यक्ति को जागरूक करना बहुत जरूरी है।
-भगवान प्रसाद गौड़, उदयपुर
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स्वस्थ जीवनशैली भी जरूरी
हमारी जीवन शैली का सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य से है। हम कहां रह रहे हैं? हम क्या खा रहे हैं? इन सब बातों का भी हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। खराब जीवनशैली से विभिन प्रकार की बीमारियां घेरने लगती हैं। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली का होना अति आवश्यक है।
-आयुषी तिवारी, उलखर, छत्तीसगढ
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रोग प्रतिरोधकता कमजोर
गलत आहार-विहार के कारण बीमारियां उत्पन्न होती हैं। खराब जीवनशैली से शरीर की रोगों से लडऩे की ताकत अर्थात रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति जल्दी बीमार हो जाता है। योग, प्राणायाम, व्यायाम, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, ईश्वर ध्यान, आयुर्वेदिक रोग प्रतिरोधक औषधियों जैसे गिलोय, तुलसी, हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, ब्राह्मी आदि का प्रयोग करते रहना चाहिए ।
-डॉ. अखलेश भार्गव, इंदौर
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आया महत्त्व समझ में
डायबिटीज और मोटापा जैसी बीमारियां खराब जीवनशैली से पैदा होने वाली बीमारियां हैं। कोरोना ने समाज को बहुत भयभीत किया है, लेकिन इसका सकारात्मक असर भी हुआ है। हम जीवनशैली से जुड़ी गलत आदतों से अच्छी तरह परिचित हो गए हैं। काढ़ा, हल्दी दूध, हरी सब्जी, व्यायाम आदि का महत्त्व समझ में आने लगा है।
-ममता पुरी, जोधपुर
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वर्क फ्रॉम होम से भी स्वास्थ्य प्रभावित
आज बड़ी संख्या में लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। साथ ही कई राज्यों में बच्चों की अभी भी ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। ज्यादा बैठने एवं कम परिश्रम करने से आमजन की जीवन शैली में काफी बदलाव आया है। नए शोध बताते हैं कि ज्यादा स्क्रीन टाइम शेयर करने से कई लोगों की आंखों में ड्राई आई की दिक्कत हो रही है, तो कुछ का वजन बढ़ रहा है ।
-अजय सिंह सोलंकी, कोटा
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घट गई श्रम की महत्ता
यह सही है कि खराब जीवनशैली से बीमारियां बढ़ रही हैं। पहले सूर्योदय से पूर्व उठने की परम्परा के साथ ही खानपान मौसम के अनुसार था। श्रम की महत्ता थी, जीवनशैली भी व्यवस्थित थी। इसी कारण लोग शतायु होते थे। देर से सोना, देर से उठना, ऊटपटांग खाना, फास्ट फूड, बाहर के खानपान को स्टेटस सिबंल बना लेना, व्यायाम की जगह मोबाइल-इन्टरनेट का अत्यधिक प्रयोग आम हो गया है। इस तरह की खराब जीवनशैली से मानसिक और शारीरिक रोग तेजी से उभर रहे हैं।
-विमला नागला, केकड़ी, अजमेर
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बदलनी होगी आदत
आधुनिक जीवनशैली ने हमारे स्वास्थ को चौपट कर दिया है। देर से सोना, देर से उठना आदत बन गई है। जंक फूड खाने की हमारी प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। यही वजह हे की हर घर में बीमारी है। वर्तमान समय मे इन बातों से पूरी तरह से बचा नहीं जा सकता पर कुछ संयम तो रखा जा सकता हे। हमें भारतीय जीवनौली को अपनाना चाहिए। जल्दी सोएं और जल्दी उठें। जंक फूड से बचना होगा। साथ ही नियमित योग-प्राणयाम जरूर करना चाहिए।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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प्रकृति के अनुरूप खानपान जरूरी
नि:संदेह खराब जीवनशैली बीमारियां बढ़ा रही है। देर रात तक जागना, सुबह देर से उठना, व्यायाम का दिनचर्चा मे न होना, खान-पान में फास्ट फूड केा इस्तेमाल से साफ है कि हमारी जीवनशैली बिगड़ गई है। हमें प्रकृति के अनुरूप खानपान व जीवनशैली रखनी चाहिए। यथा मरूधरा में कैर, सांगरी, कूमठ, बाजरा, मोठ आदि होता है और हम इनसे दूरी बना रहे हैं। अत: समझदारी इसी में है कि हम अपनी दैनन्दिनी में सुधार करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
-मोबीना बानो गृहिणी कुचेरा नागौर
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जंक फूड से बढ़ी समस्या
आजकल लोग श्रम नहीं करते। ऐसी जीवनशैली से शरीर में रक्त संचरण कम होता है। मोटापा बढ़ जाता है। जंक फूड एवं फास्ट फूड से पाचन की विकृतियां हो जाती हैं। देर से सोने व देर से जागने पर बायोलॉजिकल घड़ी में विसंगतियां आ जाती है।
-डॉ. माधव सिंह, श्रीमाधोपुर, सीकर
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जीवनशैली में सुधार की जरूरत
आजकल जिस तरह की जीवनशैली लोगों ने अपना रखी है, वह वाकई चिंताजनक है। लोगों को घर के खाने की बजाय स्ट्रीट फूड और फास्ट फूड पसंद आने लगा है। इस तरह का खानपान ही उनकी सेहत का दुश्मन बन गया है। लोगों ने मोबाइल और पैसे को इतनी प्राथमिकता दे दी है कि वे ना तो ढंग से नींद ले पाते हैं और ना ही अपने ऊपर पूरा ध्यान दे पाते हैं। गलत खानपान और जीवनशैली की वजह से शरीर में कई बीमारियां अपना घर बना लेती हैं। इनसे बचाव का सिर्फ एक ही तरीका है कि हमें अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में तुरंत सुधार करना चाहिए।
-प्रिया राजावत, श्याम नगर, जयपुर
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स्वस्थ मस्तिष्क के लिए चाहिए स्वस्थ शरीर
खराब जीवनशैली से लोग मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, ह्रदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों के शिकार हो रहे हंै। मधुमेह और अवसाद जैसी बीमारियां तो आजकल आम हो गई हैं। शारीरिक श्रम बिल्कुल कम होता जा रहा है। अनियमित जीवनशैली से व्यक्ति व्याधियों से ग्रसित हो जाता है। स्वस्थ मस्तिष्क में स्वस्थ शरीर का वास होता है। अत: प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सेहत का ध्यान रखकर जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए।
-विद्या शंकर पाठक, सरोदा, डूंगरपुर