
विदेशगमन का उच्च स्तर विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का लक्षण है। शोध बताते हैं अर्थव्यवस्था के एक निश्चित ऊंचाई हासिल करने तक विदेशगमन जारी रहता है और अर्थव्यवस्था में तीव्र वृद्धि का अर्थ होगा हर आय वर्ग के भारतीय के लिए ज्यादा अवसरों की उपलब्धता।
अब बड़ा सवाल, क्या हम भारतीयों के विदेशों में बसने को लेकर कुछ ज्यादा कर सकते हैं? एक ओर वे लोग हैं जो परदेस में बस चुके हैं तो दूसरी ओर वे जो जाने वाले हैं या जाना चाहते हैं। जो लोग परदेश में बस चुके हैं, उनका विदेशी पासपोर्ट को छोडक़र भारत लौटना कठिन है। सम्भाव्य समाधान होगा दोहरी नागरिकता पर गंभीरता से विचार, एनआरआइ/पीआइओ को निवेश में आसान अनुमति और उनके साथ अच्छे रिश्ते। जिन्होंने अभी विदेशी नागरिकता नहीं ली है, उनके साथ सामाजिक सौहार्द बनाने, भरपूर आर्थिक अवसर मुहैया कराने व उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने की जरूरत है। हमारा फोकस दूसरी श्रेणी के लोगों पर होना चाहिए।
Updated on:
29 Sept 2022 10:22 pm
Published on:
29 Sept 2022 08:18 pm
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