
आपकी बात, क्या भारत में धर्म आधारित राजनीति बंद हो सकती हैं?
जड़ से खत्म हो धर्म आधारित राजनीति
जिस समय राजनीति एवं धर्म अलग हो जाएंगे और नेता राजनीति में धर्म का इस्तेमाल करना बंद कर देंगे, हेट स्पीच बंद हो जाएगी। कुछ स्थानों पर नफरत फैलाने वाले भाषण दिए जा रहे हैं। इस तरह की स्थिति में लोगों को खुद को संयमित रखना चाहिए। धर्म के नाम पर राजनीति को जड़ से खत्म करना होगा।
-सुभाष सिद्ध बाना, श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर
..............
धर्म मुक्त राजनीति की आवश्यकता
वैसे तो धर्म और राजनीति को हमेशा एक दूसरे से अलग माना जाता रहा हैं, लेकिन वर्तमान संदर्भ में देखा जाए तो ये एक दूसरे को हर प्रकार से प्रभावित करते हैं। राजनीतिक संस्थाएं वोट पाने के लिए धर्म का सहारा लेती हैं। धर्म लोगों की कमजोरी है। इसी का फायदा उठाते हुए नेताओं ने राजनीति को धर्म के अखाड़े के रूप में तब्दील कर दिया है। आज धर्म मुक्त राजनीति की आवश्यकता हैं।
-अजिता शर्मा, उदयपुर
.................
बच्चों को समझाएं सही तरीके से धर्म
धार्मिक संस्कारों का नई पीढ़ी में बीजारोपण आवश्यक है। भारत में धर्म आधारित राजनीति बंद करने के लिए बच्चों को शुरू में ही धर्म की सही परिभाषा समझानी होगी। सही परिभाषा समझने के बाद वह राजनीति के धर्म रूपी छद्म मुखौटे से न तो खुद बहकेगा न दूसरो को बहकने देगा।
-महीपाल चारण मोडरिया, नागौर
..................
भारत धर्म के बिना राजनीति अकल्पनीय
भारत में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं। इसलिए देश में कई धार्मिक संगठन हैं। यहां धर्म और राजनीति का संबंध चोली दामन जैसा हो गया है। अत: इनको अलग नहीं किया जा सकता है।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरु
.................
धर्म से पहले राष्ट्र
देश सर्वोच्च है। मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना। इस विचार का व्यापक प्रचार होना चाहिए। जिस दिन देश की जनता इस महत्व को समझ गई, उस दिन देश में धर्म आधारित राजनीति अपने आप खत्म हो जाएगी। हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। सभी को अपने अपने धर्म को मानने की आजादी है, लेकिन देश प्रथम है।
-दिलीप शर्मा, भोपाल, मध्यप्रदेश
..............
मीडिया भी बदले
भारत में धर्म और राजनीति में चोली-दामन का साथ है। फिर मीडिया राजनेताओं के मंदिर दर्शन को प्रमुखता से छापता है। जब तक मीडिया अपना नजरिया नहीं बदलेगा, तब तक धर्म और राजनीति अलग- अलग नहीं रह सकते।
रघुवीर जैफ, मानसरोवर, जयपुर
................
धर्म के नाम पर वटोरते हैं वोट
देश में राजनीति और धर्म इस प्रकार घुलमिल गए हैं कि उनको अलग नहीं किया जा सकता है। सत्ता हासिल करना नेताओं का उद्देश्य है। वे धर्म के नाम पर जनता को भड़का कर वोट बटोरते हैं।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
Updated on:
31 Mar 2023 08:48 pm
Published on:
31 Mar 2023 04:36 pm
बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
