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Leadership: कार्यस्थल का रसायन विज्ञान

उच्च प्रदर्शन से प्राप्त पुरस्कार या मान्यता से डोपामिन के स्तर में सुधार होता है। इसका उपयोग कुछ नया सीखने में किया जा सकता है।

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Patrika Desk

Apr 25, 2022

प्रतीकात्मक चित्र

प्रतीकात्मक चित्र

प्रो. हिमांशु राय
(निदेशक, आइआइएम इंदौर)
नेतृत्व कोच साइमन सिनेक ने उल्लेख किया है कि रसायन मानव के भीतर विभिन्न भावनाओं को उत्पन्न करते हैं। अपनी पुस्तक 'लीडर्स ईट लास्ट' में उन्होंने बताया कि कैसे एक लीडर का व्यवहार व शैली, कर्मचारियों की विभिन्न भावनात्मक प्रतिक्रियाओं और जैविक प्रक्रियाओं को उत्तेजित करती हैं। सिनेक ने चार प्रमुख 'फील-गुड' रसायनों - डोपामिन, ऑक्सीटोसिन, सेरोटोनिन, और एंडोर्फिन (अक्सर डीओएसई के रूप में प्रचलित) पर चर्चा की है। एक अध्ययन के अनुसार यदि किसी संगठन के कर्मचारियों में इन सकारात्मक रसायनों का प्रचुर प्रवाह होता है, तो उत्पादकता में 31 प्रतिशत की वृद्धि होती है, और बिक्री में प्रदर्शन 37 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। आइए, हम कार्यस्थल में भावनाओं को प्रेरित करने में रसायनों और उनकी भूमिका को समझें।

मस्तिष्क में डोपामिन का प्रवाह उपलब्धि और उच्च प्रदर्शन (व्यक्तिगत अपेक्षाओं के संदर्भ में) की भावना से संबंधित है। यह आम तौर पर तब शुरू होता है जब कोई व्यक्ति किसी चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करता है और उम्मीदों पर खरा उतरता है, जिससे व्यक्ति को खुशी का एहसास होता है। उच्च प्रदर्शन से प्राप्त पुरस्कार या मान्यता से डोपामिन के स्तर में सुधार होता है, और कर्मचारी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इसका उपयोग कुछ नया सीखने और नए कौशल या व्यवहार के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने में भी किया जा सकता है। अत्यधिक डोपामिन लोगों को अपनी क्षमताओं के अवास्तविक मूल्यांकन व उच्च जोखिम वाले कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकता है। अत: जरूरी है कि लीडर ईमानदार प्रतिक्रिया दें व सभी के विचार सुनते हुए स्वयं का भी निष्पक्ष आकलन करें।

ऑक्सीटोसिन दूसरों के प्रति लगाव, देखभाल और वफादारी की भावना को प्रेरित करता है। एक लीडर पारदर्शिता और नैतिकता के प्रति प्रशंसा, विश्वास और झुकाव व्यक्त करके इसकी शुरुआत कर सकता है। सेरोटोनिन महत्त्व और संतुष्टि की भावनाओं से जुड़ा है। यह चिंता और अवसाद से संबंधित लक्षणों को दूर करता है। कृतज्ञता की भावना सेरोटोनिन का स्तर बढ़ा सकती है। लीडर, कर्मचारियों को जिम्मेदारियों और उचित स्वायत्तता के साथ कार्य सौंप सकते हैं। एंडोर्फिन का प्रवाह खुशी और उत्साह बढ़ाकर शारीरिक दर्द को कम करता है। ऑफिस पिकनिक या ब्रेक के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियां एंडोर्फिन और कार्यस्थल पर एकरसता बढ़ाती हैं। कॉर्टिसोल, और टेस्टोस्टेरोन भी कार्यस्थल पर अहम भूमिका निभाते हैं। कॉर्टिसोल तनाव और टेस्टोस्टेरोन आक्रामक या अत्यधिक महत्त्वाकांक्षी व्यवहार से संबंधित है। जबकि तनाव एक निश्चित स्तर तक आवश्यक है, और कुछ विशिष्ट स्थितियों में नेतृत्व शैली के लिए महत्त्वाकांक्षा और प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता होती है। इन दोनों भावनाओं की अधिकता व्यक्ति के लिए हानिकारक हो सकती है। अत: प्रबंधकों को उस सीमा से सावधान रहना चाहिए जिसके ऊपर तनाव संकट में बदल जाएगा और आक्रामकता एक गतिरोध को जन्म देगी। ऐसे में हस्तक्षेप करना चाहिए।