
एप्स से इंटरनेट पर फैल रहीं व्यक्तिगत संपर्कों की फेहरिस्त
हीथर कैली, द वाशिंगटन पोस्ट (दैनिक जीवन पर तकनीक के प्रभाव को कवर करती हैं)
डेटा इकोनॉमी के दौर में स्मार्टफोन एप्स की नजर आपकी संपर्क सूची पर रहती है। हाल ही में, कॉन्टेक्ट्स का मुद्दा भावनात्मक और विवादास्पद विषयवस्तु बन गया जब एक रिपोर्ट में सामने आया कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने पोते-पोतियों को पैसे भेजने के लिए डिजिटल भुगतान एप वेनमो का इस्तेमाल किया और बजफीड न्यूज ने महज 10 मिनट में उनके वेनमो अकाउंट के जरिए निजी संपर्कों की सूची हासिल कर ली। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और इस एप का इस्तेमाल करने वाले हर शख्स की निजता के लिए खतरा माना गया।
हालांकि वेनमो (पेरेंट कंपनी पेपाल) ने मामला सुर्खियों में आने के बाद एप में संपर्क सूची साझा करने या न करने का विकल्प जोड़ा, लेकिन अपने नए फीचर पर टिप्पणी करने या स्पष्ट रूप से बताने से इनकार कर दिया कि वह स्मार्टफोन से कौन-से कॉन्टेक्ट्स निकालता है।
कैलिफोर्निया स्थित मनोचिकित्सक गेब्रिएला के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ, जबकि वह अपने मरीजों के बारे में हर जानकारी पर सावधानी बरतती हैं और कभी भी अपने मरीजों के फोन नंबर अपने स्मार्टफोन में सेव नहीं करती हैं। इसके बावजूद हाल ही उन्हें पता चला कि उनके करीब 100 संपर्कों की सूची इंटरनेट पर कोई भी देख सकता है। इनमें वे मरीज भी थे जिन्होंने गेब्रिएला को वेनमो से भुगतान किया था।
फेडरल ट्रेड कमीशन के पूर्व मुख्य प्रौद्योगिकीविद् असकान सुलतानी कहते हैं कि हम अपने स्मार्टफोन संपर्कों को तीसरे पक्ष के एप के साथ नियमित साझा करते हैं, बिना यह समझे कि हमारे संपर्कों का उपयोग कैसे किया जा रहा है। आपके नेटवर्क के बारे में संवेदनशील जानकारी हासिल कर घोटालेबाज अनुचित लाभ उठा सकते हैं। गोपनीयता विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुद्दे पर बड़ा बदलाव लम्बे समय से अपेक्षित है।
Published on:
17 Jul 2021 09:40 am
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