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संपादकीय : जॉर्जिया में हिंदूफोबिया के खिलाफ सराहनीय पहल

अमरीका में हेट क्राइम के खिलाफ कानून पहले से है, लेकिन जॉर्जिया पहला राज्य है, जो हिंदुओं के लिए सुरक्षा कवच की तैयारी कर रहा है।

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जयपुर

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VIKAS MATHUR

Apr 14, 2025

अमरीकी राज्य जॉर्जिया ने 'हिंदूफोबिया' को लेकर जनरल असेंबली में विधेयक पेश कर सराहनीय पहल की है। विधेयकमें 'हिंदूफोबिया' को हिंदुओं के खिलाफ अपराध, उनके प्रति शत्रुता की भावना, नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक दृष्टिकोण के तौर पर परिभाषित किया गया है। विधेयक पारित होने के बाद दंड संहिता में संशोधन होगा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हिंदुओं के खिलाफ घृणा अपराध (हेट क्राइम) के मामलों में कार्रवाई का अधिकार मिल जाएगा।

अमरीका में हेट क्राइम के खिलाफ कानून पहले से है, लेकिन जॉर्जिया पहला राज्य है, जो हिंदुओं के लिए सुरक्षा कवच की तैयारी कर रहा है। विधेयक पेश करने वाले रिपब्लिकन सीनेटर शॉन स्टिल का कहना है कि अमरीका में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ते घृणा अपराधों को देखते हुए इस तरह के कदम उठाना जरूरी है। जॉर्जिया की जनरल असेंबली ने दो साल पहले हिंदूफोबिया के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया था। इसमें हिंदू धर्म को दुनिया के सबसे बड़े और पुराने धर्मों में से एक बताया गया था। उम्मीद है कि हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए जॉर्जिया जैसी सजगता अमरीका के दूसरे राज्य भी दिखाएंगे।

अमरीका में करीब 25 लाख भारतीय बसे हुए हैं। इनमें से करीब 40 हजार जॉर्जिया में रहते हैं। अमरीका में भारतीयों के संगठन वहां बढ़ते हिंदूफोबिया को लेकर चिंता जताते रहे हैं। उनका कहना है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों में हिंदू धर्म के बारे में जानकारी के अभाव के कारण भी घृणा अपराधों के मामले में त्वरित और ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती। गैर-लाभकारी संस्था गविष्टि फाउंडेशन के मुताबिक 1 जनवरी, 2023 से अब तक अमरीका में हिंदुओं के खिलाफ 1,314 घृणा अपराध दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले कुछ साल में हिंदू विरोधी भावनाओं की विष बेल अमरीका ही नहीं, कनाडा और ब्रिटेन जैसे पश्चिमी देशों में भी काफी फैल चुकी है।

भारत के पड़ोसी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू यह दंश काफी पहले से झेल रहे हैं। अफसोस की बात है कि जिन देशों में हिंदू अल्पसंख्यक हैं, वहां उनके खिलाफ घृणा अपराध पर अंकुश के ठोस कदम नहीं उठाए गए। इन देशों में हिंदू मंदिरों और समाज को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, चिंता का विषय है। कनाडा में स्वयंभू खालिस्तानी संगठन कभी हिंदू मंदिरों में तोडफ़ोड़ करते हैं तो कभी उनकी दीवारों पर भारत के खिलाफ नारे लिख देते हैं। ब्रिटेन के लीसेस्टर शहर में 2022 में कट्टरपंथियों ने मंदिरों और हिंदुओं के मकानों को निशाना बनाया था। अमरीका में हिंदू विरोधी नैरिटिव तैयार करने में कट्टरपंथी संगठनों के साथ वहां के श्वेत लोग भी शामिल हैं।

भारतीय मूल के हिंदुओं की तरक्की श्वेत लोगों की आंख की किरकिरी बनी है। सिलीकॉन वैली में 15 फीसदी स्टार्टअप के भारतीय मालिकों में ज्यादातर हिंदू हैं। अमरीका में घृणा अपराध के मामले श्वेतों की ईष्र्या की भी उपज हैं। इन पर लगाम कसने के लिए भारत को कूटनीतिक दबाव का इस्तेमाल करना चाहिए।