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आपकी बात, भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए सरकार को क्या करना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Patrika Desk

Mar 08, 2023

आपकी बात, भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए सरकार को क्या करना चाहिए?

आपकी बात, भीषण गर्मी की आशंका को देखते हुए सरकार को क्या करना चाहिए?

पेड़ लगाओ, गर्मी भगाओ
भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार को ऐसी योजना बनानी चाहिए जिससे प्रकृति की सुरक्षा पूर्ण रूप से हो सके। जितनी संख्या में पेड़-पौधों की सुरक्षा होगी,उतनी ही ज्यादा भीषण गर्मी पर नियंत्रण हो सकेगा। मनुष्य के भोजन में फल-सब्जियां भी होनी चाहिए। पेड़-पौधे चाहे फलदार हों या छायादार, ऐसे पौधे लगाने वाले किसानों को सरकार आर्थिक सहयोग देना चाहिए। बाग बगीचा लगाने वाले किसानों की भी सरकार को पूर्ण रूप से आर्थिक सहयोग करना चाहिए। पर्यावरण का हित सर्वोपरि होना चाहिए,अन्यथा भीषण गर्मी के कारण बड़े-बड़े ग्लेशियर पिघलने से समुद्र के जलस्तर में ज्यादा वृद्धि होगी।
देशराज कुम्हार, विराटनगर, जयपुर
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स्वयं भी प्रयास करें
इस बार भीषण गर्मी की भविष्यवाणी वैज्ञानिकों तथा मौसम विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है। क्या यह स्थिति अचानक उत्पन्न हुई है? बढ़ता कार्बन उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग, और विभिन्न तरह के प्रदूषण के लिए हम ही तो जिम्मेदार हैं। सरकारी और अंतरराष्ट्रीय प्रयास सिर्फ सम्मेलनों तक सीमित रह गए हैं। ऐसे में आम इंसान का भी फर्ज बनता है कि वह सरकार के भरोसे न रहकर पर्यावरण को संरक्षित और संवर्धित करने में अपनी भूमिका निभाए। एक व्यक्ति पेड़ का संकल्प भी ले, तो यह पृथ्वी हरी-भरी हो सकती है।
एकता शर्मा, जयपुर
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जरूरी है प्रदूषण नियंत्रण
भीषण गर्मी से बचाव के लिए सरकार को अधिक से अधिक पौधे लगाने और हर तरह के प्रदूषण को रोकने का प्रयास करना चाहिए। बिजली-पानी की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए, तभी भीषण गर्मी से कुछ बचाव हो पाएगा।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूरू
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जरूरी है गांवों का विकास
आज हर कोई शहरों की तरफ पलायन कर रहा है। हालात यह है कि जो बच्चे शहरों में पढऩे आते हैं, वे गांव जाना नहीं चाहते आज गांवों में खेती करने वालों की संख्या कम होती जा रही है और शहरों में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं। पर्यावरण बिगड़ रहा है, ट्रैफिक के हाल बेहाल हैं, अतिक्रमण बढ़ रहा है , स्वच्छ पानी की किल्लत बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है गांवों का भी शहरों की तरह कायाकल्प हो। गांवों में रोजगार के साधन बढ़ाने होंगे, शिक्षा के लिए जिला और तहसील स्तर पर बेहतर केंद्र बनाने होंगे। किसानों को खेती में होने वाले नुकसान से बचाना होगा।
-साजिद अली, इंदौर
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दावानल का डर
भीषण गर्मी में वन क्षेत्रों में दावानल का डर बना रहता है। इससे निपटने के लिए पूर्ण तैयारी रखनी चाहिए ताकि मानव जीवन के साथ-साथ वन्य जीवों की भी रक्षा हो सके। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था होनी चाहिए। मजदूर वर्ग के लिए उचित छाया प्रबंधन हो। इसके लिए सम्बंधित एजेंसी को पाबंद करना चाहिए
- महेंद्र कुमार बागोरिया, जयपुर
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हरियाली बढ़ाएं
सरकार को तो प्रयास करने ही होंगे, हर नागरिक का भी यह कर्तव्य होना चाहिए कि वह अधिक से अधिक हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे लगाए। इससे निश्चित तौर पर गर्मी का प्रकोप कम होगा।
-निर्मल कुमार संघी, जयपुर
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चारे और पानी की व्यवस्था जरूरी
भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार को सबसे पहले राज्य में पशुओं के चारे, ग्रामीण श्रम के पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार, बीमारियों की रोकथाम के चिकित्सा टीमों की सहज उपलब्धता के साथ प्रमुखता के साथ पेयजल प्रबंधन पर पूरा ध्यान देना चाहिए। जहां पीने के पानी का सरकारी स्तर पर प्रबंधन नहीं है, वहां टैंकर से पानी पहुंचाना चाहिए।
-बाल कृष्ण जाजू, जयपुर
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पानी का दुरुपयोग नहीं हो
भीषण गर्मी को देखते हुए हमें पानी बचाने के हर संभव प्रयास करने चाहिए, क्योंकि जितनी लम्बी चादर हो उतने ही पैर पसारने चाहिए। पानी का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। पानी की बचत ही उत्पादन है।
-सरोज कुमार श्रीवास्तव, भोपाल