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आपकी बात, अंधविश्वास के कारण होने वाले अपराधों को कैसे रोका जा सकता है?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

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Superstition

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लोगों को जागरूक करने की जरूरत
लोगों को अंधविश्वास के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही झाड़-फूंक का सहारा लेकर भोले-भाले लोगों को अपने मायाजाल में फंसाने और लोगों का शोषण करने वाले तांत्रिकों और फर्जी बाबाओं पर भी सख्ती की जरूरत है।
-संजय डागा, इन्दौर, मप्र
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जनजागरूकता अभियान जरूरी
अपने जीवन की जटिल समस्याओं से मुक्ति पाने के चक्कर में लोग अंधविश्वास से जुड़े टोने-टोटकों में उलझ जाते हैं। फर्जी बाबाओं के चक्कर में फंस कर कई बार बालिकाएं और महिलाएं संकट में फंस जाती हैं। लोगों की जान तक चली जाती हंै। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए लोगों को अंंधविश्वास से हो रहे नुकसान के बारे में बताया जाना चाहिए। इसके लिए अभियान चलाने की जरूरत है।
-ओमप्रकाश श्रीवास्तव, उदयपुरा, म.प्र.
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महामारी बनता अंधविश्वास
देश में अंधविश्वास महामारी की तरह फैल रहा है। इसके विरुद्ध अभियान की आवश्यक है। गलत परंपराओं का विरोध किया जाए। अंध विश्वास के प्रति आकर्षण पैदा करने वाले सीरियल बंद होने चाहिए। सोशल मीडिया पर भी ऐसी सामग्री नहीं आनी चाहिए।
-सोमकुमार नायर, धार, मप्र
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सख्त सजा का प्रावधान
अंधविश्वास के कारण होने वाले अपराधों को रोका जाना चाहिए। ऐसे मामलों में अपराधियों को सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। अंधविश्वास के दुष्प्रभाव के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए टीवी, रेडियो, सोशल मीडिया और अखबार आदि का सहारा लेना चाहिए।
-मोदिता सनाढ्य, उदयपुर
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वैज्ञानिक मानसिकता का विकास हो

अंधविश्वास का मूल कारण है कि लोग किसी घटना के मूल वैज्ञानिक कारणों से अनभिज्ञ रहते हंै। ऐसे में लोगों को अवगत कराना होगा कि अंधविश्वास से हुए लाभ अथवा हानि का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। यह भ्रम है। साथ ही इससे संबंधित कानूनों और इसके कठोर प्रावधानों का भी प्रचार-प्रसार होना चाहिए। लोगों में तार्किकता और वैज्ञानिक मानसिकता के विकास के प्रयास होने चाहिए।

  • अमन साहू, बिलासपुर, छत्तीसगढ़…….कानून का डर भी जरूरतअंधविश्वास के कारण होने वाले अपराधों को रोकने का श्रेष्ठ माध्यम शिक्षा व जन-जागरूकता है। साथ ही इस प्रकार के अपराधों को बढ़ाने वाले लोगों में कानून व पुलिस का भय पैदा करना भी आवश्यक है।-चूना राम बेनीवाल, बायतु, बालोतरा