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राजकोषीय अनुशासन और जनकल्याण की पहल

-पीयूष गोयल : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पूंजीगत व्यय को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया गया है। इससे भारत की अवसंरचना में और भी सुधार होंगे एवं दस साल पहले की तुलना में प्रभावी तरीके से आधुनिकीकरण होगा। युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

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जयपुर

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VIKAS MATHUR

Feb 06, 2024

राजकोषीय अनुशासन और जनकल्याण की पहल

राजकोषीय अनुशासन और जनकल्याण की पहल

वैश्विक स्तर पर यह होता आया है कि जब किसी देश में चुनाव नजदीक होते हैं तो अधिकांश निवेशक राजकोषीय लापरवाही का सामना करते हैं। यह इसलिए क्योंकि अधिकांश मामलों में सरकारें राजकोषीय अनुशासन की अनदेखी करती हैं और लोकलुभावन उपायों का सहारा लेती हैं। लेकिन इस वर्ष के अंतरिम बजट प्रस्तावों को देखें तो इस तथ्य पर ध्यान देना महत्त्वपूर्ण है कि राजकोषीय अनुशासन और व्यापक आर्थिक स्थिरता पर ऐसे समय में भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जब देश आम चुनावों की तैयारी कर रहा है।

इस वर्ष के बजट प्रस्ताव, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के दृष्टिकोण तथा गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर विशेष जोर देने साथ, 2047 तक एक विकसित देश बनने की दिशा में भारत की यात्रा को गति प्रदान करेंगे, यह उम्मीद की जानी चाहिए। विकासोन्मुख बजट घोषणाओं के बारे में उल्लेखनीय तथ्य यह है कि पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि के साथ बड़े पैमाने पर काम के अवसरों की उपलब्धता तय की गई है। अच्छी बात यह भी है कि उदार व लक्षित कल्याण के उपाय, राजकोषीय जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ-साथ लागू किए जाएंगे। यह अर्थव्यवस्था के लिएअच्छी खबर है, क्योंकि कल्याणकारी योजनाओं तथा रोटी-कपड़ा और मकान की बुनियादी आवश्यकताओं के प्रावधान से लाभार्थियों की जेब में पैसे की अधिक बचत होती है। इसे वे विभिन्न उत्पादों पर खर्च करते हैं तो मांग में वृद्धि होती है। राजकोषीय अनुशासन की सख्ती से पालना का ही नतीजा है कि कोरोना महामारी और यूक्रेन संकट की दोहरी बाधाओं के बावजूद, भारत उथल-पुथल भरी दुनिया में बेहतर अर्थव्यवस्था वाले देश के रूप में उभरा। इसे वैश्विक समुदाय भी मान्यता देता है। भारत के साथ व्यापार में वैश्विक रुचि से यह तथ्य परिलक्षित होता है। साथ ही भारतीय शेयर बाजार भी निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि भारत का शेयर बाजार हाल ही 4.33 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन के साथ हांगकांग को पीछे छोड़ दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है।

इतना ही नहीं पूंजीगत व्यय को ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा दिया गया है। इससे भारत की अवसंरचना में और भी सुधार होंगे एवं दस साल पहले की तुलना में प्रभावी तरीके से आधुनिकीकरण होगा। सीधी बात तो यह है कि उच्च पूंजीगत व्यय और बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सही कहा है कि इस वर्ष का बजट वर्ष 2047 तक विकसित देश बनने की दिशा में भारत के पथ की आधारशिला को मजबूत करने की गारंटी देता है। जहां तक कि आवास निर्माण के लक्ष्यों का सवाल है, सरकार पहले ही गांवों और शहरों में गरीबों के लिए चार करोड़ से ज्यादा घर बना चुकी है। सरकार ने अब मध्यम वर्ग के लिए दो करोड़ अतिरिक्त आवासों के निर्माण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसी तरह 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया गया है। आशा और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ देने के साथ सरकार ने 30 करोड़ मुद्रा ऋण के जरिए भी महिलाओं को सशक्त बनाया है। महिला सशक्तीकरण का एक उदाहरण यह भी है कि पिछले दशक में उच्च शिक्षा में महिलाओं के नामांकन में 28 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, शिक्षा के क्षेत्र में विज्ञान प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) पाठ्यक्रमों में 43 प्रतिशत छात्राएं हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक अनुपातों में से एक है। बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के लिए वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि सरकार 9-14 वर्ष की आयु की किशोरियों के लिए टीकाकरण को प्रोत्साहित करेगी। मातृ एवं शिशु देखभाल से जुड़ी योजनाओं को एक समग्र कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल करना भी इन्हीं प्रयासों का हिस्सा है। अंतरिम बजट में रोजगार के अवसर, स्टार्ट-अप के लिए सहायता और नवाचार को बढ़ाने के प्रावधान के साथ युवाओं को मदद करने से जुड़े उपायों की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने ठीक ही कहा कि भारत के तकनीक-प्रेमी युवाओं के लिए यह स्वर्ण युग होगा। सरकार 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कोष स्थापित करेगी। यह निजी कंपनियों को अनुसंधान और नवाचार का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। स्वच्छ और हरित विकास पर भी विशेष ध्यान देना भी बड़ी उपलब्धि है। रूफ टॉप सोलर योजना से एक करोड़ परिवारों को नि:शुल्क बिजली मिलेगी। इससे भी बड़ी बात यह है कि लोग ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर 20,000 रुपए तक की धनराशि अर्जित करेंगे। यह उद्यमिता के लिए अवसर भी प्रदान करेगा। कई मायने में, पीएम मोदी ने सूर्योदय के युग की शुरुआत की है। यह बजट एक मजबूत,आत्मनिर्भर और आत्मविश्वास से परिपूर्ण राष्ट्र ‘विकसित भारत 2047’ की आधारशिला रखता है।