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आपकी बात : डबल डेकर बसों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?

पाठकों ने इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। प्रस्तुत हैं कुछ प्रतिक्रियाएं

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नियमित रूप से निरीक्षण हो
बसों का नियमित रूप से निरीक्षण और रखरखाव हो, साथ ही बसों में यात्रियों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए ताकि वे निर्धारित गति सीमा से अधिक न चल सकें।
- अभिजीत रावकर, इंदौर

आपातकालीन द्वार का स्पष्ट उल्लेख हो
डबल डेकर बस का ड्राइवर, वाहन चलाने में दक्ष एवं प्रशिक्षित हो। डबल डेकर बस सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो एवं यात्रियों के लिए सीट सुविधा जनक हो। आपातकालीन स्थिति में आपातकालीन द्वार का स्पष्ट उल्लेख हो। डबल डेकर बस की गति पर ड्राइवर का पूर्ण नियंत्रण हो।
- सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़

बसों की बनावट हो संतुलित
डबल डेकर बसों की बनावट सुरक्षा की दृष्टि से संतुलित होनी चाहिए। आपातकालीन खिड़कियां-दरवाजे होने चाहिए। बस में अग्निशमन यंत्र होने चाहिए। सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन भी यात्रियों की सुरक्षा में मददगार होते हैं। ऊपरी मंजिल तक पहुंचने वाली सीढिय़ां चौड़ी मजबूत और दोनों तरफ हैंडल के साथ होनी चाहिए। बस की गति नियंत्रित होनी चाहिए।
- मोदिता सनाढ्य, उदयपुर, राजस्थान

चालक-परिचालक को मिले ट्रेनिंग
डबल डेकर बसों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य करें, खासकर ऊपरी डेक पर जहां यात्रियों को संतुलन बनाए रखने की अधिक आवश्यकता होती है। बस में आग लगने या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए बस में दो या अधिक आपातकालीन निकास द्वार होने चाहिए। साथ ही चालक और परिचालक को यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में उठाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की ट्रेनिंग देनी चाहिए।
- प्रकाश भगत, चांदपुरा, कुचामन सिटी