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ब्लूमबर्ग से… कर्मचारियों के अनिवार्य टीकाकरण पर संकोच

एक तरफ वैक्सीन अनिवार्यता की बात कही जा रही है, दूसरी तरफ इससे पल्ला झाड़ा जा रहा है। जरूरी नहीं कि काम पर ही जाते हैं तभी कोविड का खतरा रहता है। ओमिक्रोन वैरिएंट के चलते कहीं रिटेलर्स को वैक्सीन का विरोध करना भारी न पड़ जाए। अमरीकी कॉर्पोरेट के कुछ सदस्य गैर जिम्मेदार रवैया अपना रहे हैं। वे कहते हैं कि वैक्सीन सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इसकी अनिवार्यता पर संकोच कर रहे हैं।

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नई दिल्ली। अमरीका में कोरोना वायरस का ओमिक्रोन वैरिएंट कभी भी दस्तक दे सकता है, लेकिन देश के रिटेलर्स अब भी अपने लाखों कर्मचारियों के लिए टीकाकरण की अनिवार्यता से बच रहे हैं। निस्संदेह यह छुट्टियों का समय है। जो दुकानदार बिक्री के लिए साल भर से इस सीजन का इंतजार करते हैं, उन्हें चिंता है कि टीकाकरण अनिवार्य करने के कारण उन्हें सामान लाने-ले जाने के लिए भारी संख्या में अस्थाई कर्मचारियों को काम पर रखना पड़ेगा। ये लोग अमरीका के करीब 3.2 करोड़ स्थाई कर्मचारियों के पूरक होंगे। विज्ञान व आंकड़ों से हमें पहले ही ज्ञात हो चुका है कि बिना वैक्सीन लगाए हुए कर्मचारी वैक्सीन लगाने वालों के मुकाबले कोविड संक्रमण के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। साथ ही वैक्सीन लगाए हुए कर्मचारियों से काम करवाने पर ग्राहक भी अधिक सुरक्षित होंगे। रिटेलर्स इस बारे में सब जानते हैं।

किसी भी चीज की अनिवार्यता उसके प्रति प्रतिबद्धता का 'सूचक' है। रिटेलर्स इसलिए ऐसा नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें कर्मचारियों की कमी का डर है। यही वजह है कि रिटेलर्स ने बाइडन सरकार से आग्रह किया है कि वह वैक्सीन अनिवार्य करने के लिए सर्दियों के अंतिम दिनों तक इंतजार कर ले, तब तक छुट्टियों की खरीददारी की भीड़भाड़ रहेगी। उसके बाद श्रम विभाग कम से कम 100 कर्मचारियों वाले कार्यस्थलों के लिए वैक्सीन अनिवार्यता लागू कर सकता है।

रिटेलर्स का यह डर गले नहीं उतरता। कुछ कम्पनियां पहले ही ऐसी अनिवार्यता लागू कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारियों के काम छोड़ कर जाने जैसी परेशानी कभी महसूस नहीं हुई। अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को वॉलमार्ट वैक्सीन लगाने पर प्रोत्साहन दे रहा है, लेकिन उसका अनिवार्यता से कोई सरोकार नहीं है।

कम्पनियां वेतन-भत्ते बढ़ा कर कर्मचारियों को इनाम देना चाहती हैं और नए कर्मचारियों को लुभा रही हैं। कम्पनियां अगर कर्मचारियों को प्रोत्साहित करना चाहती हैं तो उन्हें वैक्सीन अनिवार्यता जैसे मसलों पर लचीलापन बरतना होगा। वॉलमार्ट, टारगेट, अमेजन डॉट कॉम, कोहल्स लौस कम्पनी, होम डिपो, नॉर्डस्ट्रॉम गैप, बीजे होलसेल क्लब के व्यापार समूह नेशनल रिटेल फाउंडेशन (एनआरएफ) ने इस महीने के शुरू में बाइडन प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है कि वे वैक्सीन अनिवार्यता पर लगाम लगाए।

इससे पहले एनआरएफ ने एक पत्र लिखकर कहा, 'कर्मचारी जहां कहीं जाते हैं, कोविड-19 का संकट रहता ही है। वे इंसान हैं, कहीं भी आ-जा सकते हैं। जरूरी नहीं कि काम पर ही जाते हैं तभी कोविड का खतरा रहता है।

ओमिक्रोन वैरिएंट के चलते कहीं रिटेलर्स को वैक्सीन का विरोध करना भारी न पड़ जाए। अमरीकी कॉर्पोरेट के कुछ सदस्य गैर जिम्मेदार रवैया अपना रहे हैं। वे कहते हैं कि वैक्सीन सुरक्षा जरूरी है, लेकिन इससे पल्ला भी झाड़ रहे हैं।

टिमोथी एल ओ ब्रायन
(स्तंभकार - ब्लूमबर्ग )