
लोगों को तंबाकू से कैसे दूर किया जा सकता है?
कैंसर अस्पतालों का दौरा करवाया जाए
अधिकांशत: जिन घरों में धूम्रपान तथा नशा किया जाता है, वहां के बच्चे भी जिज्ञासा और उत्सुकतावश उनका सेवन करने लगते हैं। धीरे-धीरे उन्हें पता भी नहीं चलता कब वे इन नशों के आदी हो गए हैं। अत: समय रहते इन परिवारों के बड़े बुजुर्गों को आत्मानुशासन और आत्म संयम का परिचय देते हुए इन दुर्व्यसनों से दूरी बनानी चाहिए अथवा नशा मुक्ति केंद्रों का सहारा लेना चाहिए। नशा छुड़वाने के लिए हम उनकी काउंसलिंग भी करवा सकते हैं। फिर भी यदि नशे से ग्रस्त व्यक्ति समझने के लिए तैयार नहीं, तो उसे एक बार कैंसर अस्पतालों के दर्शन करवा कर ले आना चाहिए। वहां की दयनीय दशा और मरीजों की महादशा देखकर हो सकता है, उसका हृदय परिवर्तन हो जाए, और वे तंबाकू अथवा अन्य नशा करना छोड़ दे। सरकार को सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद नियंत्रण अधिनियम 2003 का दृढ़ता से क्रियान्वयन करवाना चाहिए।
-एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
...........................................
बंद की जाए तंबाकू की खेती
लोगों को तम्बाकू से दूर करने में हम सबको मानवीय प्रवृत्ति को समझना होगा। कोई चीज बाजार में उपलब्ध होते हुए आप सोचें कि इसका कोई उपयोग नहीं होगा , यह तो संभव नहीं है। आज सरकार के राजस्व स्रोतों में एक बड़ा स्रोत तंबाकू उत्पाद है। सरकार अगर वास्तव में जनहित चाहती है तो तंबाकू की खेती पर ही प्रतिबंध क्यों नहीं लगा देती है? जितना ध्यान अफीम की खेती को रोकने पर दिया जाता है, उतना ही तंबाकू की खेती को रोकने पर भी दिया जाना चाहिए। चिकित्सा प्रयोजनार्थ जितनी आवश्यक हो, उतनी खेती सरकारी निगरानी में हो।
-भगवती लाल जैन, राजसमंद
.................................
कानून की पालना भी करवाई जाए
तंबाकू से बने उत्पादों पर चेतावनी भरे संदेश एवं चित्र अंकित होते हैं। इसके अलावा समय-समय पर विज्ञापनों के माध्यम से दुष्परिणामों की जानकारी दी जाती है। इसके बावजूद लोग सजग नहीं हो रहे हैं। ग्रामीण अंचल में तो घर के बड़े बुजुर्ग ही नहीं महिला और बच्चे भी तंबाकू सेवन में पीछे नहीं हैं। मेहमानों के स्वागत में भी तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद परोसे जाते हैं। इसलिए सामाजिक स्तर पर परिवर्तन की जरूरत है, जिसके लिए युवाओं के अलावा बड़े-बुजुर्गों को भी आगे आना पड़ेगा। अब मात्र दीवारों पर ‘यह धूम्रपान निषेध क्षेत्र है’ लिख देने से काम नहीं होगा। इसकी पालना भी करवानी होगी।
-प्रमोद पंड्या बांसवाड़ा
.......................
उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई जाए
तंबाकू का सेवन या किसी भी तरह का नशा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। नशे के कारण हर वर्ष लाखों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। तम्बाकू का किसी भी रूप में सेवन अनेक घातक रोगों का कारण बन जाता है। तम्बाकू, सिगरेट, बीड़ी आदि न केवल उपयोग करने वाले लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सम्पर्क में आने वाले लोगों पर भी घातक प्रभाव डालते हैं। लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए तंबाकू उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की आवश्यकता है। राजस्व प्राप्त करने के लोभ में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना उचित नहीं है। बच्चों के पाठ्यक्रमों में तंबाकू और दूसरे प्रकार के नशे के घातक दुष्प्रभावों के विषय में बताया जाना चाहिए, ताकि वे बड़े होकर इनके जाल में नहीं फंसें।
-सुरेश चन्द्र 'सर्वहारा, कोटा
.................................
दृढ़ इच्छा शक्ति आवश्यक
सर्व प्रथम तो सरकार की जिम्मेदारी है कि बाजार में जितने भी नशीले पदार्थ बिकते हैं, उन पर प्रतिबंध लगा दिया जाए। सरकार राजस्व का लालच छोड़े। सरकार नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था ज्यादा से ज्यादा स्थानों पर करे। सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि स्वयं की मजबूत इच्छा-शक्ति से ही किसी नशे से मुक्ति संभव है।
-लता अग्रवाल चित्तौडग़ढ़
...........................
जरूरी है जागरूकता
लोगों को तंबाकू से दूरी बनाने के लिए उचित मार्गदर्शन जरूरी है। लोगों में जागरूकता पैदा करें। इसके लिए सरकार विशेष अभियान चलाए। इसके अंतर्गत तंबाकू से होने वाले नुकसान से लोगों को अवगत कराया जाए। सरकार तम्बाकू निर्मित उत्पादों पर रोक लगाए।
-करण सोलंकी, तखतगढ़
....................................
जन जागरूकता आंदोलन की जरूरत
स्वयंसेवी संगठन एवं नशा मुक्ति से जुड़े संस्थानों के सहयोग से जन जागरूकता आंदोलन शुरू हो। तंबाकू मुक्ति संकल्प समारोह आयोजित कर लोगों से तंबाकू छोडऩे की प्रतिज्ञा दिलाई जाए। उपयोग न्यूनतम करने के लिए सर्वाधिक कर लगाया जाए। ई-सिगरेट और हुक्का बार पर पूर्णतया प्रतिबंध हो। समाचार पत्रों, टेलीविजन, रेडियो आदि पर तंबाकू के दुष्प्रभावों के विज्ञापन दिए जाएं।
-श्याम लाल अग्रवाल, जयपुर
..................................
परिवार का भी असर
तंबाकू सेवन से कैंसर होता है। लाखों लोग काल के ग्रास में समा जाते हैं। सरकार को जितना हो सके, उतना तंबाकू उत्पादों पर टैक्स लगाना चाहिए। तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित नियम कठोर होने चाहिए। परिवार में सभी लोगों को इसके नुकसानों से अवगत करवाया जाना चाहिए। कुछ हद तक परिवार के संस्कार भी इस दिशा में सहायक होते हैं। जो लोग घर परिवार से दूर रहते हैं, वे नशे में ज्यादा फंसते हैं। अत: तंबाकू से दूर करने के लिए इच्छाशक्ति, कठोर कानून, उच्च टैक्स और परवरिश और संस्कार ये सब कारक काम आते हैं।
-अंकित शर्मा, जयपुर
.........................
दुष्प्रभाव के बारे में बताया जाए
लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में बताना चाहिए। जैसे लोगों को लगातार यह बताया जाए कि तंबाकू से शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक हानि होती है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है
-संजय बिश्नोई, कूपली
...................
इच्छाशक्ति की जरूरत
तंबाकू सेवन करने वाले को इसके शारीरिक तथा मानसिक दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दी जाए। तंबाकू छोडऩे के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति आवश्यक है। नशा मुक्ति केंद्र का सहयोग लेकर भी तंबाकू सेवन पर नियंत्रण किया जा सकता है।
-मोनिका त्यौहारिया, बारां
................
जानलेवा है तंबाकू
लोगों को तंबाकू से होने दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए। इसके लिए नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जा सकता है। तंबाकू बनाने वाले उद्योगों पर ज्यादा कर लगाया जाए। लोगों को समझाना चाहिए कि तंबाकू जानलेवा है।
- दिनेश कुमार, जेतावाड़ा, उदयपुर
....................................
जरूरी है कठोर निर्णय
तम्बाकू सेवन को रोकने के लिए सरकार को कठोर निर्णय लेने होंगे। सिनेमा/ ऑनलाइन स्ट्रीमिंग शोज में तंबाकू सेवन न दिखाएं। इससे नई पीढ़ी तंबाकू सेवन के पीछे नहीं भागेगी। सरकार को सख्ती से बीड़ी, सिगरेट और गुटखा बनाने वाले कारखानों को बंद कर देना चाहिए। ऐसे संस्थानों/उद्योगों से जुड़े लोगों को दूसरे व्यवसाय शुरू करने में सहयोग करना चाहिए।
-विशाल शर्मा, टोंक
.............................
निगरानी की जरूरत
नशे की लत अधिकतर किशोर अवस्था में लगती है। यदि बच्चों की घर और स्कूल में निगरानी की जा जाए, तो उनको तंबाकू के सेवन से बचाया जा सकता है। कई गांवों में ग्रामीणों ने संगठित होकर तंबाकू की बिक्री बंद करवाई है। ऑडियो, वीडियो और मीडिया का इस्तेमाल करके पीडि़त लोगों की दिक्कतों को दर्शा कर इसे सीमित किया जा सकता है।
-विनोद यादव, हनुमानगढ़
.........................
इस्तेमाल नहीं हुआ कम
जब तक तंबाकू आसानी से उपलब्ध होता रहेगा, लोग इसका इस्तेमाल करते रहेंगे। समय-समय पर तंबाकू का इस्तेमाल हतोत्साहित करने के लिए कानून बनाए गए। इनकी पैकिंग पर वैधानिक चेतावनी जारी की गई। इससे होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में बताया गया, लेकिन फिर भी इसका उपयोग कम नहीं हुआ। युवा वर्ग में तंबाकू सेवन की लत बढ़ती जा रही है।
-सुरेश राव, सोनड़ी, नोहर
..............................
योग से मिल सकता है तंबाकू से छुटकारा
तम्बाकू की लत पडऩे पर, उसे छोड़ना आसान नहीं होता। इसके लिए जबरदस्त इच्छाशक्ति और मानसिक दृढ़ता की जरूरत होती है। इस लत से छुटकारा दिलाने में योग बेहद उपयोगी हैं। योगासन के साथ-साथ शारीरिक व्यायाम भी करते हैं, तो सोने पर सुहागा। यह तनाव को कम करता है।
-डॉ.अजिता शर्मा, उदयपुर
...........................
प्रतिबंध की जरूरत
लोगों को तंबाकू से दूर करने के लिए सरकार को तंबाकू पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। अगर इस सरकारी आदेश का उल्लंघन किया जाए, तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
-डॉ. अशोक, पटना, बिहार
.................................
सख्त कानून की आवश्यकता
वर्षों से तंबाकू सेवन पर नियंत्रण का प्रयास किया जाता रहा है। सभी तंबाकू सेवन के नुकसानों से परिचित भी है। उत्पादों पर चेतावनी भी स्पष्ट देखी जा सकती है। ऐसी सूरत में सख्त कानून की आवश्यकता है।
—मनोज जैन, टोंक
.......................
तंबाकू या सिगरेट के सेवन से बचें
धूम्रपान की आदत की वजह से कैंसर जैसी कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन फिर भी लोग धूम्रपान जारी रखते हैं। पिछले साल शुरू हुई कोरोना वायरस महामारी भी फेफड़ों को ही नुकसान पहुंचाती है, जिसकी वजह से फेफड़ों की सेहत और भी जरूरी हो गई है। इसलिए तंबाकू की लत से छुटकारा पाएं। जब भी आपको सिगरेट या किसी भी तरह के तंबाकू की तलब हो, तो पांच से दस मिनट इंतजार करें क्योंकि अक्सर इतनी देर में इच्छा खत्म हो जाती है। हर बार जब आप तंबाकू या सिगरेट के सेवन से बचेंगे, आप नशे की इस लत को छोडऩे के करीब आते चले जाएंगे।
-मधुर तिवाड़ी , बडियाल खुर्द, दौसा
Published on:
01 Jun 2021 07:21 pm
बड़ी खबरें
View Allओपिनियन
ट्रेंडिंग
