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कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

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Gyan Chand Patni

Jul 01, 2021

कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए?

कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को कितना मुआवजा दिया जाना चाहिए?

जान का कोई मोल नहीं
वैश्विक महामारी कोरोना से अपार जन क्षति हुई। कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। वैसे जान का कोई मोल नहीं होता है। जनक्षति अपूरणीय होती है, जितना धन मुआवजे के रूप में दिया जाए कम है। कई परिवार लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी अपने परिजनों को नहीं बचा पाए। कमाने वाले भी परिवार को बेसहारा कर काल कवलित हो गए। ऐसी स्थिति में सम्मानजनक राशि मुआवजे के रूप में मिलनी चाहिए। ऐसे परिवार भी हैं, जिसमें एक से अधिक लोग कोरोना के शिकार हुए, कमाने वाले दो बेटे ही चल बसे। ऐसी विषम दशा में सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाकर मुआवजा राशि बीमारी में व्ययानुसार एक मुश्त प्रदत्त की जानी चाहिए।।
-विद्या शंकर पाठक, सरोदा
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शीघ्र मिले मदद
हमारे देश में कोरोना के बढ़ते प्रसार और इसकी 2 लहरों के तांडव के बीच लाखों लोग जान गंवा चुके हैं। अनेक बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है और कई घरों में एकमात्र कमाने वाले व्यक्ति की मौत से खाने-पीने की व्यवस्था भी मुश्किल हो गई है। ऐसे में सरकार को उनके लिए लगभग इतने मुआवजे की व्यवस्था तो करनी ही चाहिए कि वे मूलभूत सुविधाओं से तो वंचित न हों, उन्हें भोजन समय पर मिल जाए और इसके अलावा अनाथ बच्चों के भविष्य का ध्यान में रखते हुए भी योजनाएं बननी चाहिए। इस विपरीत परिस्थिति में इस प्रकार की सहायता पीडि़तों के लिए बहुत महत्व रखती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मदद शीघ्रता से मिले।
-अविरल भारद्वाज, हिंडौन सिटी
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मुआवजे के रूप में चार लाख रुपए मिलें
कोरोना से जिनकी मौत हुई है उनके परिजनों को आपदा एक्ट के तहत चार लाख का मुआवजा मिलना चाहिए। सरकार कोविड से जुड़े मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करे। जो प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो गए हैं, उनमें सुधार किया जाए।
-जसवीर खाम्भू, जोधपुर
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राष्ट्रव्यापी योजना बने
कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए केंद्र सरकार को राष्ट्रव्यापी योजना बनानी चाहिए। सभी राज्यों में मुआवजा राशि समान हो। मेरी नजर में यह बीस लाख रुपए हो, वहीं अनाथ हुए बच्चों, विधवा महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर मुहैया कराए सरकार।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
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रोजगार की व्यवस्था की जाए
कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराए जाएं। लघु उद्योगों की ट्रेनिंग दी जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। यदि कोई विद्यार्थी है, तो उसकी पूरी शिक्षा की व्यवस्था सरकार करे। उसका बीमा हो। चिकित्सा कार्ड की व्यवस्था हो, जिससे वे निशुल्क अपनी बीमारी का इलाज कहीं भी सरकारी या निजी अस्पताल में करा सकें।
-प्रिया विनोद धमेचानी, जयपुर
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गरीब परिवारों का रखें ध्यान
कोरोना के कारण गरीब परिवारों ने भी अपने परिजनों को खोया है। सरकार को मुआवजा राशि गरीब परिवारों की स्थिति के अनुसार तय करनी चाहिए, क्योंकि सबसे ज्यादा कोरोना का प्रभाव गरीब व्यक्ति पर ही पड़ा है। मुआवजा राशि तय करते वक्त सरकार गरीब परिवारों को प्राथमिकता दे।
-अंकित कुमार मीन, खान भांकरी, दौसा
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ताकि शुरू हो सके कोई व्यवसाय
कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवजे के तौर पर इतना जरूर मिलना चाहिए, जिससे किसी घर का कमाने वाला सदस्य कोरोना से जान गंवा चुका हो तो उस घर का कोई सदस्य एक व्यवसाय शुरू कर सके। या फिर घर के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। जिन बच्चों के माता-पिता गुजर चुके हों, उन बच्चों के खाने, पीने, रहने और शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। कमाऊ सदस्य की मौत होने पर परिवार के बुजुर्गों की देखभाल की व्यवस्था होनी चाहिए। पति के गुजरने पर पत्नी को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी या फिर व्यवसाय के लिए वित्तीय मदद दी जानी चाहिए।
-सरिता प्रसाद, पटना, बिहार
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मिले नौकरी की सहायता
कोरोना महामारी की वजह से भारत में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना काल में अपनों को खोने की वजह से कई परिवारों पर आर्थिक संकट भी आया है। कई बच्चे अनाथ हो गए हैं। इन सभी की मदद के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने अलग-अलग योजनाओं की घोषणा की हुई है। वैसे तो परिजनों की क्षति की पूर्ति मात्र मुआवजे से पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन भविष्य में आर्थिक दृष्टि से कोई समस्या न हो, इसके लिए सरकार को जरूरतमंद परिवारों के लिए नौकरियों की व्यवस्था करनी चाहिए।
-डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर
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मिलना चाहिए मुआवजा
कोरोना महामारी से मरने वालों के परिजनों को निश्चय ही मुआवजा मिलना चाहिए । अब यह बात अलग है कि कितना मिलना चाहिए। जिसकी मृत्यु हो गई है, उसे वापस तो नहीं ला सकते, परन्तु परिजनों की आर्थिक मदद करके उस परिवार का दुख तो कम कर सकते हैं।
-महेश सक्सेना, भोपाल
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केंद्र करे घोषणा
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून की धारा 12 के तहत आपदा से होने वाली मौतों के लिए मुआवजे का प्रावधान है। कोरोना महामारी को आपदा मान, इससे होने वाली मौतों के परिजनों को भी उचित राशि का मुआवजा दिया जाना चाहिए। इलाज के लिए लोगों ने घर-बार तक बेच दिए, फिर भी वे अपने परिजनों को नहीं बचा पाए। जिन परिवारों ने अपने भरण पोषण करने वालों को खोया है, उनके परिजनों को यदि उचित मुआवजा मिलता है तो उन्हें फिर से संभलने और नए ढंग से जीवन बिताने मे आसानी हो जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय ने भी अपने फैसले मे पीडि़त परिजनों को मुआवजा राशि देने की सिफारिश की है। ऐसे मे केंद्र सरकार को ही एक ऐसी उपयुक्त राशि को मुआवजे के रूप मे देने की घोषणा करनी होगी जिससे पीडि़तों के परिवारों को सहारा मिल जाए।
-नरेश कानूनगो, बैंगलूरु, कर्नाटक
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सरकार निभाए संवैधानिक जिम्मेदारी
मुआवजे की जो भी राशि निर्धारित की जाए, उसे किस्तों में दिया जाए। परिवार मुखिया की कोरोना से मृत्यु होने पर चार लाख रुपए, गृहिणी की मृत्यु पर तीन लाख रुपए और परिवार के अन्य सदस्य की मृत्यु पर दो लाख रुपए दिए जाने चाहिए। अनाथ बच्चों को मुआवजे के अतिरिक्त 25 वर्ष उम्र तक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं नि:शुल्क मिलनी चाहिए। आपदा राहत कोष में वित्तीय जनयोगदान निरंतर मिलता रहता है। अत: सरकार अपना संवैधानिक दायित्व निभाए।
-मुकेश भटनागर, वैशालीनगर, भिलाई
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आठ से दस लाख रुपए मिले मुआवजा
कोरोना के कारण कई परिवारों में कमाने वाले काल के गाल में समा गए हैं । परिवार का पालन-पोषण करने वाला जब छोड़कर चला जाता है, तो भविष्य की उम्मीदों व आशाओं पर पानी फिर जाता है। ऐसे में सरकार को सहारा देना चाहिए। कोरोना से प्रभावित परिवारों को कम से कम सरकार 8 से 10 लाख रुपए मुआवजा दे।
-हेमा हरि उपाध्याय, अक्षत खाचरोद, उज्जैन
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चार लाख रुपए दिए जाएं
कोरोना से जान गंवाने वाले के परिजनों को चार लाख रुपए प्रति परिवार मुआवजे की राशि व्यवस्था हो सकती है। अगर सरकार चाहे तो परिजनों को अन्य सुविधाएं भी प्रदान करने के लिए व्यवस्था कर सकती है। इस कोरोना महामारी ने बहुत ही तबाही मचाई है।
-डॉ. अशोक, पटना, बिहार
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परिवार के सदस्यों की संख्या का रहे ध्यान
कोरोना से जान गंवाने वालों के परिजनों को उचित मुआवजा मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार को मृतक के परिजनों की संख्या को ध्यान में रखते हुए मुआवजा तय करना चाहिए।
-बिहारी लाल बालान, लक्ष्मणगढ़, सीकर
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जरूर मिले मुआवजा
किसी की जान की कोई कीमत नहीं लगाई जा सकती। फिर भी कोरोना से जान गंवाने वाले के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता मिलनी चाहिए। साथ ही मुफ्त अनाज की व्यवस्था हो। ऐसे परिवारों को ऋण में ब्याज सहायता प्राप्त हो। नागरिकों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सरकार की है। इसलिए मुआवजा जरूर मिलना चाहिए ।
अभिजीत मूंड, खींवासर, झुंझुनूं
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शीघ्र दिया जाए मुआवजा
कोरोना की वजह से कई लोग जान गंवा चुके हैं, जिसमें से कुछ तो ऐसे हैं , जिन पर परिवार निर्भर थे। ऐसे में उनके परिजनों को शीघ्र मुआवजा देना जरूरी है। थोड़ी सी मदद भी उस परिवार के लिए एक बड़ी मदद साबित हो सकती है। सरकार को चाहिए कि वे मुआवजे में इतनी राशि तो दे, जिससे संबंधित परिवार कुछ कर सके।
-साजिद अली, इंदौर
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देना ही चाहिए मुआवजा
कोरोना महामारी एक राष्ट्रीय आपदा घोषित की गई है। इसलिए अन्य आपदाओं की तरह सरकार को कोरोना से हुई मौतों के मामले में भी मृतकों के परिजनों को एक निश्चित राशि बतौर मुआवजा अदा करनी चाहिए। मुआवजे में कितनी राशि दी जाए, यह निर्धारित करना राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का दायित्व है। मृतक के स्टेटस, रोजगार की स्थिति, भविष्य की संभावनाओं एवं कोरोना से हुई मौत के पश्चात उसके आश्रितों की स्थिति को देखते हुए राशि निर्धारित करनी चाहिए।
-संजय भटनागर, डूंगरपुर