
आपकी बात, क्या सरकार भी अल्प बचत की प्रवृत्ति को हतोत्साहित कर रही है?
बचत से हो रहा है मोहभंग
अल्प बचत की प्रवृत्ति को सरकार हतोत्साहित कर रही है। वर्ष 2010 से पहले अधिकतर अल्पबचत योजनाओं में बचत पर मिलने वाला ब्याज बैंक से मिलने वाले ब्याज से एक प्रतिशत से भी अधिक था। अल्प बचत की योजनाओं की ब्याज दरों में कमी करके, बचत अभिकर्ताओं का कमीशन कम करके, बचत योजनाओं में लगाये धन पर कर लाभों में निरंतर कमी करके सरकार बचत की प्रवृत्ति को हतोत्साहित कर रही है है। इससे आम नागरिक का बचत की तरफ मोह भंग होने लग रहा है।
गोपाल सिंह, भरतपुर
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महंगाई भी कारण
सरकार अल्प बचत से जनता को दूर कर रही है। यह कटु सत्य है कि सरकार ने अल्प बचत योजनाओं मेंं निरंतर ब्याज दरें कम की हैं। महंगाई की वजह से भी बचत नहीं हो पा रही।
-ओमप्रकाश श्रीवास्तव, उदयपुरा, मध्यप्रदेश
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ब्याज दरें बढ़ाई जाएं
आज वर्तमान समय में अल्प बचत पर ब्याज दरें इतनी कम हो गई हंै कि लोग उनमें पैसा रखना ही नहीं चाहते हैं। सरकार को ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए, ताकि लोग बचत के प्रति आकर्षित हों। बढ़ती हुई बेरोजगारी एवं महंगाई के कारण भी लोग मुश्किल में हैं।
-सुरेंद्र बिंदल अग्रवंशी, जयपुर
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सरकार है सजग
सरकार महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ नियमित तौर पर बचत करने वाले लोगों के हितों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। अल्प बचत योजनाओं को समय से पहले बंद करने का लाभ भी लोगों को मिल रहा है। लोगों को अल्प बचत योजना का लाभ आपातकालीन चिकित्सा ,उच्च शिक्षा की जरूरतों इत्यादि की स्थिति में मिल रहा है।
-मीना सनाढ्य, उदयपुर
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सरकारी की दोषपूर्ण नीति
बचत योजनाएं दूसरी योजनाओं की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होती हैं। साथ ही सरकारी हस्तक्षेप के कारण जोखिम कम रहता है, लेकिन कुछ वर्षों से इस मामले में सरकार की नीतियां हतोत्साहित करने वाली हैं। एक तरफ अल्प बचत की ब्याज दर घटा दी, दूसरी ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है। ब्याज दरों में कटौती एवं तरलता के अभाव के कारण लोग अल्प बचत योजनाओं में निवेश करने से कतराते हैं। सरकार को सभी वर्गों के हितों को ध्यान रखते हुए ब्याज दरों का निर्धारण करना चाहिए।
- अजिता शर्मा, उदयपुर
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बढ़ती महंगाई
गरीब थोड़ा- थोड़ा धन अर्जित करता हैं ताकि मुश्किल समय में काम आ सकें लेकिन सरकार बचत करने नहीं देती क्योंकि महंगाई डायन खाये जात है।
-प्रियव्रत चारण, जोधपुर
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ब्याज दर कम
महंगाई बेलगाम बढ़ रही है। आमजन बड़ी कठिनाई से थोड़ी बहुत बचत कर पाता हैं, लेकिन सरकार ब्याज कम देती है, जिससे अल्प बचत प्रवृत्ति हतोत्साहित हो रही है। सरकार ब्याज दर बढ़ाने पर ध्यान दे, तो लोग अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिये धन बचाकर अल्पबचत के प्रति उत्साहित होंगे।
-लता अग्रवाल चित्तौडग़ढ़
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नहीं बढ़ाई छूट
सरकार ने धारा 80 सी के तहत बचत व निवेश की छूट में बढ़ोतरी नहीं की। यह इस बात का प्रतीक है कि सरकार बचत को हतोत्साहित कर रही है।
-शिवराज सिंह, झाबुआ, मप्र
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बचत पर बढ़ाए ब्याज
यह सच है कि सरकार अल्प बचत को बढ़ावा देने के प्रति अत्यंत उदासीन है। अल्पबचत पर न्यूनतम ब्याज दर से लोगों का मोहभंग हुआ है। यदि सरकार को अल्प बचत की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना है, तो बचत पर आकर्षक ब्याज कर प्रावधान करे।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़, छत्तीसगढ़
Published on:
07 Feb 2023 06:32 pm
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