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कर्पूर चंद्र कुलिश का मानना था कि युद्ध जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी भारतीय समाज का आत्मविश्वास, अनुशासन और जीवनधारा अटूट रहती है। विदेशी पत्रकारों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि युद्ध के बादलों के बावजूद दिल्ली में लाखों की सभा शांतिपूर्वक हुई। कुलिश जी के अनुसार भारत की सांस्कृतिक शक्ति और सामाजिक संरचना इतनी मजबूत है कि अनेक आघातों के बावजूद इसकी आत्मा जीवित रहती है और समाज सामान्य जीवन बनाए रखता है। भारत का समाज संकट में भी संयम और अनुशासन बनाए रखना जानता है।
Published on:
16 Mar 2026 02:47 pm
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